(सर मेयर राजेश कालिया और उनकी पत्नी रेनू की फोटो टैक में सेव है )
बस में सीट देकर जीता था दिल
वेलेंटाइन डे पर मेयर राजेश कालिया ने बताई अपनी प्रेम कहानी
कहा, परिवार नहीं माने तो नैना देवी में भागकर की शादी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल के मेयर राजेश कालिया और उनकी पत्नी रेनू की प्यार की कहानी भी बड़ी रोचक है। राजेश कालिया ने बस में सीट देकर अपनी महबूबा का दिल जीता था। मेयर बताते हैं कि हम एक दूसरे का हमेशा काफी ख्याल रखते हैं। वर्ष 1992 में प्यार हुआ और 1996 में शादी हुई। जब घर वाले नहीं माने तो हम दोनों भागकर नैना देवी पहुंच गए और शादी कर ली।
रेनू का कहना है कि वे डड्डूमाजरा कालोनी के पास कम्युनिटी सेंटर में अपनी मां के साथ रहती थीं। बस अड्डा के सामने कम्युनिटी सेंटर था। तब वह दसवीं में सेक्टर 24 के स्कूल में पढ़ाई करती थीं। राजेश कालिया एक वकील के पास मुंशी का काम करते थे। दोनों ही बस में सफर करते थे। शिष्टाचार के नाते राजेश कालिया रेनू की मां को प्रणाम करते और भारी भीड़ होने के कारण उनके लिए सीट छोड़ देते। कई बार रेनू अकेली होतीं तो उनके लिए भी अपनी सीट छोड़ देते। बस यहीं से प्रेम कहानी आगे बढ़ी।
रेनू की मां ने अपनी बेटी से कहा कि राजेश कालिया से किसी भी हालत में शादी के लिए हां नहीं करूंगी। चाहे जो भी हो जाए। इसका कारण था कालिया का स्वभाव। साथ ही रेनू ब्राह्मण परिवार से संबंधित थीं, लेकिन दोनों ने ठान लिया और फिर 12 फरवरी, 1996 को दोनों ने भागकर नैना देवी में शादी कर ली। रेनू और कालिया की तीन बेटियां हैं।