पार्षद अरुण सूद ने ली निगम अफसरों की बैठक, बबला बोले-कालिया बने कठपुतली
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बैठक को बीच में छोड़कर पार्टी कार्यालय जाना पड़ा मेयर को तो सूद ने संभाल ली कमान
कांग्रेस आज सदन की बैठक में उठाएगी मामले को, हो सकता है हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मेयर राजेश कालिया के स्थान पर भाजपा पार्षद अरुण सूद ने अधिकारियों की बैठक लेकर और उन्हें दिशा-निर्देश देकर नगर निगम में एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया। कांग्रेस ने इसे मेयर पद की गरिमा के साथ खिलवाड़ बताया। कांग्रेस के पार्षद देवेंद्र सिंह बबला का कहना है कि यह बहुत ही गंभीर मामला है। वीरवार को नगर निगम सदन की बैठक में वह इस मामले को पुरजोर ढंग से उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर कालिया कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं।
बता दें कि कजौली वाटर वर्क्स के चारों फेज के शट डाउन करने को लेकर मेयर ने अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। यह बैठक बुधवार को सुबह 11 बजे नगर निगम कार्यालय के छठी मंजिल पर स्थित कांफ्रेंस रूम में बुलाई गई थी। बैठक 11.10 बजे शुरू हुई। आधे घंटे के बाद यानी 11.40 बजे मेयर राजेश कालिया बैठक से उठकर भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश कार्यालय कमलम चले गए। कमलम में पार्टी का कार्यक्रम था, जिसमें उन्हें शामिल होना था। मेयर राजेश कालिया के बैठक से चलने जाने के बाद पार्षद अरुण सूद ने अधिकारियों की बैठक ली, जो कांग्रेसियों को नागवार गुजर रही है।
कालिया के फैसले अरुण सूद ले रहे : बबला
इस मामले में दविंदर सिंह बबला का कहना है कि मेयर तो राजेश कालिया हैं, लेकिन वह स्वयं कोई फैसला नहीं ले रहे। फैसला अरुण सूद ले रहे हैं। कालिया शहर के प्रथम नागरिक हैं। उन्हें सभी को साथ लेकर चलना चाहिए। मेयर को किसी के हाथ की कठपुतली नहीं बनना चाहिए। एक पार्षद अधिकारियों की बैठक ले रहे हैं और सभी अधिकारी बैठक में आ भी रहे हैं। ऐसे में कोई भी पार्षद कांफ्रेंस रूम में अधिकारियों को बैठक के लिए बुलाएंगे तो अधिकारियों को आना होगा। क्या ऐसे नगर निगम चलेगा। मेयर उठकर चले जाते हैं तो बैठक समाप्त मानी जाती है। मैं तो अधिकारियों की ऊपर शिकायत करूंगा। मेयर के जाने के बाद उनके जगह पर सीनियर डिप्टी मेयर या डिप्टी मेयर बैठक की अध्यक्षता करते हैं।
कोटस...
मैं बैठक से जाने लगा तो पार्षद अरुण सूद को जिम्मेदारी देकर गया था। कजौली वाटर वर्क्स की चारों लाइनों को बंद करने पर शहर में पानी का संकट न हो तो इसके लिए बैठक बुलाई थी। मुझे पार्टी कार्यालय जाना पड़ गया तो अरुण सूद की ड्यूटी लगाकर गया था। मैंने ही अरुण सूद को कहा था कि वह काम में मेरा सहयोग करें। शहर की भलाई के लिए बैठक हो रही थी। कांग्रेसी पार्षद देवेंद्र सिंह बबला से भी सहयोग लेंगे।
-राजेश कालिया, मेयर नगर निगम चंडीगढ़