पीजीआई के ओटी टेक्नीशियन पर गरीब मरीज का सामान चुराने का आरोप
पीजीआई ने विजिलेंस को सौंपी जांच, सामान की कीमत करीब 15 हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीजीआई के एक सीनियर ओटी टेक्नीशियन पर गरीब मरीज का सर्जरी का सामान चुराने का आरोप लगा है। इस आरोप के बाद से डिपार्टमेंट व ओटी टेक्नीशियन सदमे में हैं। पीजीआई प्रशासन के पास भी इस मामले की शिकायत पहुंची। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और इस मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी है। अब इस मामले की जांच विजिलेंस करेगी। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि यदि आरोपी दोषी पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ओटी टेक्नीशियन एडवांस आई सेंटर के आपरेशन थियेटर पर तैनात है। यह वारदात दो फरवरी को सुबह पौने दस बजे की है।
शिकायत के मुताबिक एक गरीब मरीज की सर्जरी होनी थी। उसका सामान ओटी में रखा गया था। तभी एक सीनियर ओटी टेक्नीशियन वहां पहुंचे और ओटी से सामान निकालकर अपने लॉकर में रखने लगे। तभी एक की नजर उस पर पहुंच गई और उसका एक वीडियो भी बनाया। इस सामान की कीमत करीब 15 हजार रुपये थी। इस मामले की शिकायत एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट के एचओडी डा. जीडी पुरी व अन्य डाक्टरों को दी गई। चार फरवरी को आरोपी ओटी टेक्नीशियन को समन किया गया। इस दौरान उसने आरोपों को स्वीकार किया और सीनियर डाक्टरों से माफी भी मांगी। लेकिन डिपार्टमेंट की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसके बाद इस मामले की शिकायत डायरेक्टर को दी गई। डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने इस मामले को गंभीरता से लिया और इस केस को विजिलेंस के हवाले कर दिया। पीजीआई के एक सीनियर अधिकारी ने पुष्टि की है कि ओटी टेक्नीशियन केस विजिलेंस को सौंप दिया गया है।