संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बृहस्पतिवार को फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में किसानों द्वारा पराली न जलाई जाए, इसको लेकर टीमें गठित कर निगरानी रखी जाए और किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में भी जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि अभी पराली जलाने वाले दो किसानों पर जुर्माना लगाया है।
पराली जलाने के मामले सामने आने पर दो किसानों पर जुर्माना लगाया गया है। गांव कौंडल के किसान अमर सिंह पर एक एकड़ में पराली जलाने पर 2500 रुपये जुर्माना लगाया गया है। वहीं, कौंडल के ही किसान जयराम पर भी दो एकड़ में पराली जलाने पर 2500 रुपये जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि दो एकड़ तक फसल अवशेष जलाए जाने पर 2500 रुपये जुर्माना लगाया जाता है। वहीं पांच एकड़ में फसल अवशेष जलाने पर पांच हजार रुपये व पांच एकड़ से अधिक जमीन पर फसल अवशेष जलाने पर 15000 रुपये जुर्माना लगाया जाता है।
उपायुक्त ने कहा कि फसल अवशेष विशेषकर पराली को नष्ट नहीं करते हुए किसानों को उनका सदुपयोग करना चाहिए। तकनीक के इस युग में अब फसल अवशेष परेशानी न होकर कमाई का साधन है। अधिकांश किसान अब फसलों के अवशेष से लाखों रुपये भी कमा रहे हैं। किसान फसल अवशेष प्रबंधन करके आत्मनिर्भर बन सकते हैं। बैठक में एसडीएम पलवल ज्योति, एसडीएम होडल रणवीर सिंह, एसडीएम हथीन संदीप अग्रवाल, नगराधीश अप्रतिम सिंह व कृषि कल्याण विभाग के उपनिदेशक विरेंद्र देव आर्य मौजूद रहे।