पलवल। डेंगू से जिले में महिला सहित दो की मौत हो गई। मरने वालों में जहां महिला बहीन गांव की है, वहीं दूसरा मृतक पलवल का रहने वाला है। महिला की बहीन से उपचार के लिए पलवल लाते समय मौत हो गई, जबकि दूसरे की मौत फरीदाबाद के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान हुई बताया जा रहा है। लेकिन इन दोनों मौत का कारण स्वास्थ्य विभाग डेंगू नहीं मान रहा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पलवल जिले में डेंगू के मात्र 42 मरीज हैं। इनमें भी पांच मरीज बाहर के हैं। निजी अस्पताल डेंगू के नाम पर भरे पड़े हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग व निजी अस्पतालों के आंकड़ों में आ रही भिन्नता स्वास्थ्य विभाग पर ही सवाल खड़ा रही है।
बहीन गांव में विवाहिता की मौत
हथीन। शुक्रवार को बहीन गांव की एक विवाहिता की बुखार से मौत हो गई। बताया गया कि बहीन गांव की 25 वर्षीया विवाहिता ब्रिज किशोरी को बृहस्पतिवार को बुखार आया था। होडल के निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां आराम नहीं हुआ। उसके बाद उसे पलवल के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। गांव निवासी एवं ब्लॉक समिति के निवर्तमान सदस्य सुरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मृतका को बुखार तेज था। हथीन के प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि मृतका की ट्रीटमेंट हिस्ट्री का पता किया जाएगा।
हथीन में मिले बुखार के 12 मरीज
शुक्रवार को भी स्वास्थ्य विभाग ने दो गांवों में विशेष ओपीडी शिविर लगाए। इसमें बुखार के 12 मरीज मिले हैं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक मठेपुर गांव में लगाए गए शिविर में 14 मरीज आए जिनमें से सात मरीज बुखार के मिले हैं। रनियला खुर्द के शिविर में 22 मरीज आए जिनमें से पांच मरीज बुखार के मिले हैं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि संबंधित गांवों में मलेरिया टेस्ट के लिए ब्लड स्लाइड बनाई गईं हैं। इसके अलावा डेंगू जांच, कोविड जांच एवं प्लेटलेट्स जांच के लिए भी नमूने लिए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया है। उन्होंने बताया कि डोर टू डोर स्क्रीनिंग का क्रम भी जारी है।
स्वास्थ्य विभाग ने तीन डेंगू मरीज मिलने की पुष्टि की
स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को जिले में डेंगू के तीन मरीज मिलने की पुष्टि की। विभाग के दावे के अनुसार इन तीन मरीजों के मिलने के बाद पलवल में 37 तथा बाहर के पांच मरीजों को मिलाकर कुल संख्या 42 हो गई है। शुक्रवार को जिन तीन मरीजों की पुष्टि की गई है, वे गांव काशीपुर, भमरौला व पंचवटी कॉलोनी के बताए गए।
प्लेटलेट्स हो रही कम, नहीं मिल रहीं किट
बुखार या डेंगू जो भी है, लेकिन जिन लोगों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं, उन्हें प्लेटलेट्स बनाने वाली किट तक नहीं मिल रही हैं। पलवल में स्थित तीन निजी ब्लड बैंकों के अलावा फरीदाबाद के अस्पतालों तक में प्लेटलेट्स किट की कमी बताई जा रही है। मरीजों के परिजन व रिश्तेदार डोनर साथ लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन किट की कमी बताकर प्लेटलेट्स तैयार नहीं की जा रही हैं। सोनू नामक व्यक्ति ने बताया कि उनके परिजन को बुखार के बाद प्लेटलेट्स कम हो गई। जिसके लिए जंबो किट की मांग की गई, लेकिन पलवल में वह जंबो किट नहीं मिली।
घबराने जरूरत नहीं है। पलवल जिले में डेंगू नहीं है। उन्होंने बताया कि जिले में डेंगू जांच के लिए 1073 लोगों के नमूने लिए गए हैं। जिनमें से 42 मामले पॉजीटिव मिले हैं। जिनमें 37 जिला पलवल के निवासी और पांच बाहरी जिला के मिले हैं। सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिला पलवल में कुल चार लाख, 57 हजार, 338 घरों की स्क्रीनिंग की गई है। जिनमें से 6041 घरों में मच्छरों का लार्वा मिला है। जिन्हें नोटिस भी दिया गया है। उन्होंने बताया कि डेंगू जांच के लिए होने वाले एलिजा टेस्ट के लिए निजी अस्पतालों एवं लैब 600 रुपये ले सकते हैं। यदि किसी ने ज्यादा वसूल किया तो कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि अफवाहों में न आएं जिले में डेंगू नियंत्रण में हैं।
- डॉ. ब्रह्मदीप, सिविल सर्जन
सीएमओ ने मठेपुर गांव का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की
सीएमओ ब्रह्मदीप सिन्धु ने शुक्रवार को बुखार प्रभावित गांव मठेपुर का दौरा किया। उन्होंने गांव की स्थिति की समीक्षा की और ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने स्थानीय एसएमओ विजय कुमार को निर्देश दिए कि गांव मठेपुर में विशेष ओपीडी सेवाएं जारी रखी जाएं। एसएमओ विजय कुमार ने बताया कि गांव के लोगों को जलभराव के चलते मच्छरों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोविड टीकाकरण के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित किया।