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कैंटर की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्राली में सवार चालक सहित तीन की मौत

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पलवल। दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर सोमवार की सुबह ईंट भट्ठा मालिक की बहन की शादी के बाद सामान ट्रैक्टर में भरकर घर पहुंचाने जा रहे भट्ठे के तीन कर्मचारियों की हादसे में मौत हो गई। गलत दिशा से तेज गति में आ रहे एक कैंटर ने ट्रॉली को टक्कर मार दी थी। मृतकों में एक ट्रैक्टर चालक था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भिजवाया। उधर, ट्रैक्टर में टक्कर मारने के बाद चालक कैंटर को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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सोमवार सुबह करीब पांच बजे छपरौला मोड़ पर गलत दिशा से आ रहे एक कैंटर ने सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैंक्वेट हॉल से शादी संपन्न होने के बाद सामान घर ले जा रहे तीन लोग दूर जा गिरे। जिससे ट्रैक्टर चालक प्रहलाद, इंद्रपाल और ऋषि नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। उधर आसपास से काफी लोग एकत्रित हो गए। तुरंत तीनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रहलाद को मृत घोषित कर दिया। दोनों घायलों इंद्रपाल व ऋषि का उपचार शुरू कर दिया गया, लेकिन कुछ समय बाद ही उन दोनों की भी मौत हो गई।
पुलिस ने पृथला निवासी लोकेश नामक व्यक्ति के बयान पर आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में लोकेश ने कहा है कि उसका पृथला में ही उसका केला देवी के नाम से ईंट भट्ठा है। उसके भट्टे पर मृतक प्रहलाद ट्रैक्टर चालक था, जबकि इंद्रपाल मुंशी तथा ऋषि चौकीदार था। शिकायत में लोकेश ने बताया कि रविवार की रात उसकी बहन की शादी थी तथा सुबह बरात विदा होने के बाद बैंक्वेट हॉल से सारे सामान को घर लाया जा रहा था। सामान को चालक प्रहलाद टैक्टर-ट्रॉली में भरकर मुंशी इंद्रपाल व चौकीदार ऋषि के साथ उनके घर रखने के लिए ले जा रहे थे। जैसे ही वे छपरौला मोड़ पर राजमार्ग पर ट्रैक्टर लेकर पहुंचे तभी फरीदाबाद की तरफ से गलत दिशा में आ रहे एक कैंटर ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में सीधी टक्कर मार दी। इसमें प्रहलाद, इंद्रपाल व ऋषि गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने के बाद उनकी मौत हो गई।
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पुलिस अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कैंटर को कब्जे में ले लिया। बाद में मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पलवल जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया।
पिछले कई सालों से रहते थे असावटी में
तीनों मृतक वैसे तो उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे, लेकिन पिछले 15 साल से भी अधिक समय से यहीं असावटी व पृथला के पास रहते थे। तीनों ही बेहद गरीब थे तथा ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। एक साथ हुई तीन लोगों की इस मौत के बाद भट्टा पर कार्यरत अन्य मजदूर भी बेहद शोक में हैं। वहीं भट्टा मालिक के घर पर भी गमगीन माहौल है। तीनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा है। जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के समय मृतक प्रहलाद की बहन व बेटे का रो-रोकर इतना बुरा हाल हो गया है लोगों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला। मजदूरों का कहना था कि तीनों का साथी मजदूरों से बेहद प्रेम रहता था।
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