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दो दिन में बुखार से तीन बच्चों की मौत, पलवल में दो और हथीन में एक मासूम की गई जान

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हथीन के गांव सांपनकी में लोगों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। - फोटो : Palwal
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पलवल। जिले में बुखार से हो रही मौतों का सिलसिला जारी है। दो दिन में पलवल के दुकड़िया मोहल्ले में एक 14 वर्षीय बच्ची, शेखपुरा में 12 वर्षीय बच्चे और हथीन के गांव मंगोरका में आठ वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। तीनों बच्चे करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा था। बुखार से बढ़ते मौत के आंकड़े को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क दिखाई दे रहा है। ज्यादा मरीजों वाले स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्थायी अस्पताल बनाए गए हैं। घर-घर जाकर लोगों की जांच की जा रही है। गंभीर मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल भेजा रहा है।
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जिले में वायरल बुखार से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों में शहर के अंदर बुखार से दर्जनभर से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। बुखार से मरने में बच्चों की संख्या अधिक है। पलवल शहर की शेखपुरा, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, दुकड़िया मोहल्ला, सिविल लाइन, होडल के गांव सौंदहद, हथीन के गांव चिल्ली, छांयसा, मंगोरका में कई मौतें हो चुकी हैं। मंगलवार देर रात पलवल के दुकड़िया मोहल्ले में बुखार से एक 14 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। पड़ोसी ईश्वर सिंह ने बताया कि बच्ची शालू को एक सप्ताह पहले बुखार आया था। बच्ची का एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था, जहां मंगलवार रात उसकी मौत हो गई। इसी प्रकार शेखपुरा मोहल्ले में एक 12 वर्षीय बच्चे की बुखार से मौत हो गई। परिवारवालों ने बताया कि बच्चा करीब एक सप्ताह से शहर के निजी अस्पताल में भर्ती था।
सांपनकी में बुखार के 28 नए मरीज मिले
हथीन के गांव मंगोरका में आठ वर्षीय बच्ची शाजिस्ता की तेज बुखार के कारण बुधवार को मौत हो गई। परिवारजनों ने बताया कि बच्ची को कई दिनों से बुखार था। उसकी हालत को देखते हुए उसको नल्हड़ मेडिकल कॉलेज ले जाने की तैयारी में थे, लेकिन बुधवार को अचानक उसकी मौत हो गई। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया मौत की सूचना मिल गई है। उसकी मौत के कारणों का पता किया जा रहा है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने गांव सांपनकी में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया, जिसमें 52 मरीजों का परीक्षण किया गया। इसमें 28 बुखार के नए मरीज मिले। गांव में दो दिन के अंदर दो बच्चों की मौत तेज बुखार से हुई है। मौके पर पहुंचे मेडिकल अफसर ने बताया कि गांवों में फॉगिंग एवं मच्छर मार दवाई का छिड़काव कराया जा रहा है।
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घर-घर की जा रही थर्मल स्क्रीनिंग
छांयसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में बुधवार को भी बुखार के 16 नए मरीज मिले। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार के मुताबिक, ओपीडी में 31 लोग आए, जिनमें से 16 बुखार के मरीज मिले हैं। गांव में घर-घर थर्मल स्क्रीनिंग का कार्य अभी भी जारी है। इस गांव में बुखार से अब तक आठ मौतें हो चुकी हैं। वहीं, चिल्ली गांव स्थित अस्थायी अस्पताल में बुधवार को मात्र 13 लोग पहुंचे, जिनमें बुखार के मात्र तीन नए मरीज मिले हैं। चिल्ली गांव में अब मरीजों की संख्या सीमित है।
गांवों में हो डेंगू की जांच
किसान जनहित समिति के जिला प्रधान अमरू पहलवान ने बताया कि गांवों में लोगों में डेंगू फैलने की बात बताई जा रही है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ मलेरिया एवं कोविड की जांच कर रहा है। उन्होंने मांग की है कि गांव में डेंगू जांच भी कराई जाए।
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