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अघोषित बिजली कटौती से लोग कर रहे रतजगा

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पलवल। भीषण गर्मी और बिजली कटौती से लोग परेशान है। बिजली कट लगने से लोग रतजगा कर रहे हैं। बिजली वितरण निगम के अधीक्षक अभियंता दावा कर रहे हैं कि जिले में मात्र दो घंटे बिजली कटौती की जा रही है। जबकि हकीकत में दिन में 8 से 10 घंटे बत्ती गुल हो रही है। इससे गर्मी से बचने के लिए घरों में बैठे लोग दरवाजा व खिड़की खोलकर बैठे रहते हैं। इन बिजली कटों के कारण लोगों को पीने के लिए पानी भी नहीं मिल रहा है। लोगों ने मांग की है कि बिजली कटों से राहत दिलाई जाए।
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जिले में बृहस्पतिवार को तापमान 44 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री रहा। आग उगलते सूर्य देवता ने लोगों को पूरी तरह से परेशान कर दिया है। बड़े लोग ही नहीं, बल्कि स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे व बुजुर्ग भी इस गर्मी से परेशान हैं। छोटे बच्चे स्कूल के बाहर निकलते ही छाता खोल लेते हैं तथा साथ-साथ ठंडा पानी पीकर गर्मी से राहत पाने का प्रयास करते हैं। वहीं छोटे बच्चों को उनके परिजन लेने आते हैं और गोद में लेकर उन्हें कपड़े से ढककर धूप व गर्मी से बचाने का प्रयास करते हैं। गांवों में लोग इस गर्मी से बचने के लिए ट्यूबवेल का सहारा ले रहे हैं।
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बीएसएनएल मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित
देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा भारत संचार निगम (बीएसएनएल) के अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही का आलम यह है कि वे मोबाइल की बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की बजाय मूकदर्शक बने हुए हैं। स्थिति यह बनी हुई है कि हथीन शहर में जैसे ही लाइट जाती है वैसे बीएसएनएल नेटवर्क भी चला जाता है। इससे मोबाइल सेवाएं पूरी ठप हो जाती हैं। वर्तमान में बिजली के अघोषित कट लग रहे हैं। प्रत्येक कट के साथ मोबाइल का नेटवर्क भी कट जाता है। जिस कारण बीएसएनएल उपभोक्ताओं के मोबाइल शोपीस बनकर रह जाते हैं। मजबूरीवश उपभोक्ता अपनी सिम को निजी कंपनियों की सिम पोर्ट करा रहे हैं, जिससे सरकार को भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
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बिजली निगम के अधिकारियों का यह दावा
बिजली वितरण निगम निगम के अधीक्षक अभियंता जोगेंद्र हुड्डा का दावा है कि निगम द्वारा पलवल जिले में कृषि फीडर में मात्र तीन घंटे का कट लगाया जा रहा है, जबकि घरेलू क्षेत्र में मात्र दो घंटे, शहरी क्षेत्र में दो घंटे, ग्रामीण क्षेत्र में दो घंटे तथा औद्योगिक क्षेत्र में 9 घंटे का कट लगाया जा रहा है, जबकि जिले में इसके विपरीत है। कृषि फीडर में बिजली मात्र दो से तीन घंटे आ रही है, जबकि घरेलू क्षेत्र में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में 8 से 10 घंटे बिजली आ रही है।
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बिजली पूरे दिन में दो से तीन घंटे आती है। जबकि रात को भी बिजली मात्र तीन से चार घंटे ही आती है। व्यापारियों का दुकानों पर बैठना मुश्किल हो रहा है। बिजली वितरण निगम के अधिकारियों को बिजली कटों में राहत दिलानी चाहिए, ताकि व्यापार चौपट न हो।
-प्रवीण गर्ग, सचिव, हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन
बिजली कटों में राहत है। दो से तीन घंटे ही बिजली के कट लगाए जा रहे हैं। लोगों को पूरी बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों को गर्मी में परेशानी न हो। जल्द व्यवस्था में और भी सुधार हो जाएगा।
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जोगेंद्र हुड्डा, अधीक्षक अभियंता
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