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अस्पताल में बढ़ रहे बुखार-खांसी और जुकाम के मरीज

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होडल। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की संभावना जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर बुखार, खांसी और जुकाम के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। कोरोना के समान लक्षण होने की वजह से डॉक्टर मरीजों को प्रशिक्षित चिकित्सकों से जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
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मौसम में बदलाव, खान-पान में गड़बड़ी या फिर शारीरिक कमजोरी की वजह से भी वायरल बुखार होता है। वायरल बुखार शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र को कमजोर कर देता है। बच्चों में यह अधिक देखा जाता है। अस्पतालों में महिलाएं व बच्चे बुखार से पीड़ित ज्यादा आ रहे हैं। वहीं कोरोना संक्रमण में लगातार खांसी आना यानी एक घंटे या फिर उससे अधिक वक्त तक खांसी हो सकती है। 24 घंटों के भीतर कम से कम तीन बार इस तरह के दौरे पड़ सकते हैं। वायरल बुखार के मरीजों में एक-दो दिन अनदेखी करने से कोरोना के समान ही लक्षण नजर आने लगते हैं। ऐसे में डॉक्टरों की परेशानी बढ़ गई है।
वर्जन-
बरसात के मौसम में वायरल फीवर और टाइफाइड चिंता का विषय नही है। ऐसे में परिजनों को चाहिए वह अपने परिवार के सदस्यों को नियमित मल्टी विटामिन दें। अगर परिवार में किसी को बुखार है तो उसके संपर्क में दूसरे को कम आने दें। यदि बुखार दो दिन से अधिक हो तो अस्पताल में कोविड की जांच कराए। - डॉ. सतीश वर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी होडल
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कोरोना संक्रमण के बीच वायरल व टाइफाइड के लक्षण लगभग एक समान है। ऐसे में अपनी मनमर्जी से मेडिकल स्टोर या अनरजिस्टर्ड डॉक्टर से दवा न लें। ऐसे में रजिस्टर्ड डॉक्टर से सलाह लें और टेस्ट कराएं। - डॉ. पंकज, उपमंडल नागरिक अस्पताल होडल
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