पलवल। जिले में रविवार दोपहर को हुई बारिश से धान और कपास की फसल को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी पकी धान की फसल पूरी तरह से गिर गई है। इससे दाना खेत में झड़ जाएगा। अब गिरी धान की फसल की कटाई करने के लिए मजदूर भी नहीं मिलेंगे। कंपाइन से कटवाने में भी काफी परेशानी होगी। फसल गिरने से किसानों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि फसल में हुए नुकसान की भरपाई के लिए गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिया जाए।
जिले के अंदर धान की फसल की कटाई जोरों पर हैं। कुछ क्षेत्रों में कटाई हो चुकी है तथा फसल मंडियों में पहुंच चुकी है। धान की 1121 किस्म की कटाई देरी होती है। इसलिए अभी काफी फसल खेतों में खड़ी हुई है। दो दिन पहले कृषि विभाग ने बारिश होने की संभावना जताई थी। शनिवार रात को मौसम का मिजाज बदल गया और हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। रविवार दोपहर को अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। तेज बारिश से धान की पकी फसल पूरी तरह से गिर गई। इससे फसल में भारी नुकसान का अंदेशा है।
रविवार को हुई बारिश से फसल में काफी नुकसान हुआ है। फसल पूरी गिर गई है। बाली भारी होने की वजह से अब फसल दोबारा खड़ी नहीं होगी, जिससे नुकसान होगा। कटाई आने में अब समय लगेगा।
- धर्मबीर लुलवाड़ी, किसान
फसल पककर तैयार थी, केवल कटाई की तैयारी थी। लेकिन, बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। कपास अभी खिलनी शुरू हुई थी, उसमें भी नुकसान होगा। सरकार को किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
- भगवत नांगल ब्राह्मण, किसान
रविवार को हुई बारिश से किसानों को करीब 20 फीसदी नुकसान होगा। धान की फसल गिरने से दाना झड़ जाएगा तथा कटी हुई फसल भीगने से झड़ाई नहीं हो पाएगी। कपास की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। क्योंकि, अभी कपास खिलना शुरू हुुआ था। धान की फसल की कटाई में भी देरी होगी।
- डॉ. महावीर मलिक, कृषि विशेषज्ञ