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पलवल में डेंगू से एक की मौत

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पलवल। जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को भी पलवल में एक सर्राफ की डेंगू से मौत हो गई। वहीं होडल के गांव सौंदहद में बुखार के एक हजार से भी ज्यादा मरीज हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग इन आंकड़ों को गलत बता रहा है। विभाग की मानें तो डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है। जबकि लोग मौत का कारण डेंगू बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग जानबूझकर आंकड़ों को छिपा रहा है। हालात ये हैं कि जिले में निजी अस्पताल बुखार के मरीजों से भरे पड़े हैं। अस्पतालों में मरीजों को बिस्तर तक नहीं मिल रहे हैं। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से निजी अस्पतालों में जाकर हालात देखने की भी अपील की है।
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पलवल में बृहस्पतिवार को डेेंगू से पवन जैन सर्राफ की मौत हो गई। उनके परिजनों ने बताया कि पवन जैन को पहले बुखार आया था तथा बाद में तबीयत ज्यादा खराब होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां प्लेटलेट्स कम होने लगी। बाद में जांच में डेंगू पाया गया। बृहस्पतिवार सुबह उनकी मौत हो गई। जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। अब यदि निजी अस्पताल लोगों की मौत का कारण डेंगू बता रहे हैं तो स्वास्थ्य विभाग को इस बारे में जांच करनी चाहिए तथा लोगों को गलत गुमराह करने पर कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस तरफ से पूरी तरह से चुप्पी साधे बैठा है।
हथीन में 108 टीमों के माध्यम से घर-घर स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने संदिग्ध 372 लोगों की जांच की। इनमें से17 लोग डेंगू अथवा मलेरिया के पॉजिटिव मिले। सीएमओ ब्रह्मदीप सिन्धु ने बताया कि 16 पॉजिटिव मरीज पूर्ण स्वस्थ हो चुके हैं। एक मरीज का अभी भी इलाज चल रहा है। सीएमओ ने बताया कि 108 टीमों का गठन कर घर-घर स्क्रीनिंग का कार्य भी जारी है। हथीन उपमंडल के छायंसा, मठेपुर, रनसिका में भरे हुए पानी में मच्छर नाशक दवा का छिड़काव भी किया जा रहा है।
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चार गांवों में मिले बुखार के 50 मरीज
हथीन। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए। जांच शिविरों में सर्वाधिक 50 मरीज बुखार के गांव रूपडाका में मिले। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि 71 मरीज आए जिनमें से 50 मरीज बुखार के मिले। जिनमें से दो बच्चों को हालत को देखते हुए पलवल के जिला हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया है। अन्य सभी मरीजों के ब्लड सैम्पल्स लेकर लैब में भेजे गए हैं। बुखार रोधी दवाइयां देकर इलाज शुरू कर दिया गया है। इसी प्रकार गांव छायंसा में भी 16 मरीज आए। इनमें से नौ मरीज बुखार के मिले। दो बच्चों को पलवल जिला हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया है। मालपुरी गांव में मात्र सात मरीज आए जिनमें से दो मरीज बुखार के मिले। वहीं गांव चिल्ली में भी मात्र दो मरीज बुखार के मिले हैं।
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