संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह साइबर क्राइम थाना पुलिस द्वारा दर्ज किए गए भड़काऊ पोस्ट मामले में सोमवार को नूंह कोर्ट से मोनू मानेसर को जमानत मिल गई। मोनू मानेसर की तरफ से वकील एलएन पाराशर, सोमदत्त शर्मा व कुलभूषण भारद्वाज पेश हुए।
करीब एक सप्ताह पहले नूंह कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। जिसकी सुनवाई चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अमित वर्मा की अदालत में हुई। करीब 15 मिनट सरकारी वकील से चली बहस के बाद अदालत ने 3:30 बजे जमानत का फैसला सुनाया। मोनू मानेसर के वकील सोमदत्त शर्मा ने बताया कि सरकारी वकील कपिल ने एफआईआर नंबर 37 में काफी देर तक धारा 295 पर बहस की। अदालत ने तमाम सबूत व जिरह को सुनने के बाद मोनू को जमानत दे दी।
जानकारी के अनुसार 28 अगस्त को दोबारा शोभा यात्रा निकालने के दौरान मोनू मानेसर ने 26 अगस्त को एक और भड़काऊ पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली थी। जिसमें उसने यात्रा में परिणाम की चिंता न करने की बात कही थी।
इस संदर्भ में नूंह साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 26 अगस्त को केस दर्ज करते हुए 12 सितंबर को मोनू मानेसर को सेक्टर 1 मानेसर से गिरफ्तार किया था। वहीं जब मोनू मानेसर को नूंह पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तब राजस्थान पुलिस ने उसे नासिर जुनैद हत्या मामले में प्रोडक्शन वारंट पर सौंपने के लिए अर्जी लगाई थी, नूंह अदालत से मोनू को राजस्थान पुलिस को सौंप दिया गया था। इसके बाद राजस्थान की जेल में बंद होने के बाद पटौदी में दर्ज हत्या के प्रयास मामले में पटौदी थाने की पुलिस उसे राजस्थान से प्रोडक्शन वारंट परलाई थी। पटौदी पुलिस ने मोनू को अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने उसे भोंडसी जेल भेज दिया था।
हत्या का केस दर्ज, अभी रहेगा जेल में ही
अभी भी मोनू पर नासिर जुनैद हत्याकांड का मुकदमा दर्ज होने के साथ-साथ पटौदी में भी हत्या का प्रयास का मामला दर्ज है । बताया गया है कि पटौदी में उस पर गोली चलाने का आरोप है।
इस मामले में मोनू अभी भी जेल में बंद है। उसे केवल नूंह में दर्ज 37 नम्बर मुकदमे में जमानत मिली है। सुबह से ही लोगों की नजरंे मोनू मानेसर को जमानत मिलने के फैसले पर लगी हुईं थीं। देखते ही देखते दोपहर हो गई और अदालत ने 3:30 बजे जमानत मंजूर करने का फैसला सुना दिया।