होडल। हसनपुर में रविवार सुबह मां के साथ बकरी चराने गए तीन बच्चे पैर फिसलने के कारण यमुना नदी में बह गए थे। बच्चों के शोर मचाने पर मां ने 12 वर्षीय बेटी देवकी को बचा लिया, लेकिन दो बच्चों का शाम तक पता नहीं चल पाया था। 24 घंटे बीतने के बाद भी इन बच्चों का सुराग नहीं लग सका है। हालांकि पुलिस प्रशासन, दमकल विभाग के अलावा गोताखोर बच्चों की खोजबीन में जुटे हैं।
कस्बे के चामड़ मोहल्ले निवासी मुकेश की पत्नी गुड्डी बच्चों देवकी, मयंक और राज के साथ बकरियां चराने के लिए यमुना नदी के किनारे गई हुई थी। दोपहर बाद अचानक तीनों बच्चें खेलते हुए यमुना नदी में जा गिरे थे। बच्चों की चीख पुकार सुनकर गुड्डी ने देवकी को नदी से निकाल लिया, लेकिन बहाव अधिक तेज होने के कारण दो बच्चों को नहीं निकाल सकी। बच्चों के लापता होने के बाद से गुड्डी के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
गुड्डी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने बच्चों के साथ नरसी का नंगला के जंगलों में बकरी चराने के लिए गई थी। तभी पैर फिसलने से बच्चे नदी में डूब गए। बाद में उसने यमुना नदी में छलांग लगा दी, जिसके बाद वह बच्ची देवकी को ही बचा पाई, लेकिन मयंक और राज का कोई सुराग नहीं लग सका। उधर, इस बारे में थाना प्रभारी मोहर सिंह का कहना था कि यमुना नदी में लापता बच्चों की खोज के लिए गोताखोरों की सहायता ली जा रही है। नदी के आसपास लगते पुलिस थानों को भी इस मामले से अवगत करा दिया गया है।