पलवल। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को परिणाम घोषित कर दिया है, जिसमें जिले के तीन युवाओं ने परचम लहराया है। होडल की बहू कीर्ती तोमर ने 89वीं रैंक लेकर जिले में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं गांव मीरापुर के प्रिंस तेवतिया ने 295वीं रैंक लाकर दूसरा स्थान और गांव बहीन के मोहित रावत ने 462वीं रैक लाकर जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। मोहित रावत ने हथीन क्षेत्र में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा पास की है। परीक्षा पास करने पर सभी युवाओं के घरों पर बधाई देने वालों को तांता लगा हुआ है। युवा अपने सफलता का श्रेय अपने परिजनों को दे रहे हैं।
कीर्ती ने मां का सपना किया पूरा
होडल। आईएएस बनने के लिए कीर्ति और उनके पति सचिन तोमर ने यूपीएससी की परीक्षा होने के बाद ही शादी करने का निर्णय लिया था। दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज डिग्री कॉलेज से 2014 में प्राणी विज्ञान में स्नातक करने के बाद कीर्ती ने 2016 में मास्टर डिग्री भी हासिल की। भारतीय सेना अधिकारी परीक्षा में देश स्तर पर छठा स्थान प्राप्त करने के बाद कीर्ति तोमर ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस परीक्षा में अव्वल स्थान पाया। हाल ही में कीर्ति तोमर का चयन मध्यप्रदेश के असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर भी हुआ। हालांकि, उनका सपना सिविल सर्विसेज में नौकरी करने का था। 27 वर्षीय कीर्ति तोमर की शादी 23 मई 2021 को शहर के हसनपुर चौक के समीप रहने वाले सचिन तोमर से हुई। कीर्ति और सचिन दोनोें साथ पढ़ते थे। कीर्ति तोमर ने बताया कि उनके पिता जगदीप दिल्ली में कपड़े के व्यापारी हैं। उनकी मां ललिता जगदीप एक स्कूल अध्यापिका थी। उन्होंने कहा कि उनकी मां का सपना था कि उनकी बेटी आईएएस अफसर बनकर देश के में उनका नाम रोशन करे। जब उनकी शादी की बात हुई तब उनकी सास प्रीता और ससुर कप्तान सिंह ने परीक्षा तक शादी नहीं करने के मामले को अपने आशीर्वाद में बदल दिया। उनकी मां ललिता जगदीप ने जानकारी देकर बताया कि कीर्ति उनकी इकलौती संतान है। शहर में बहु को आईएएस अधिकारी बनने पर हसनपुर चौक स्थित उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
दादा जी की सामाजिक कार्यों में रुचि से मिली प्रेरणा
पलवल। प्रिंस तेवतिया को अपने दादा राम सिंह तेवतिया की सामाजिक कार्यों में रुचि देखकर आईएएस बनने की प्रेरणा मिली। हालांकि, यूपीएससी परीक्षा में मिली रैंक से प्रिंस संतुष्ट नहीं हैं, वे फिर परीक्षा की तैयारी करने का मन बना रहे हैं। प्रिंस का कहना है कि यूपीएससी में टॉप रैंक लाना उनका उद्देश्य है।
प्रिंस के पिता चंद्रभान तेवतिया लोक निर्माण विभाग में सरकारी कर्मचारी हैं। उनकी मां अनुबाला देवी गृहणी हैं। उनकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा भाई पुनीत तेवतिया पढ़ाई कर रहा है। मोहित ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा पलवल के निजी स्कूलों से हुई। इसके बाद धनबाद से आईआईटी की। आईआईटी पास करने के बाद 13.5 लाख का पैकेज मिला। आईएएस बनने की हसरत ने नौकरी छोड़ी और पढ़ाई में जुट गए। दूसरे राउंड में 295वीं रैंक प्राप्त करने की खुशी तो है, लेकिन हसरत अभी अधूरी है। उन्हें भी लोगों को काम कर खुशी मिली है। दादाजी की राह पर चलकर लोगों की सेवा करना चाहते हैं। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के कार्य और जीवनशैली से प्रभावित प्रिंस पर्यावरण से खासा प्रेम करते हैं। हुक्के की गुड़गुड़ाहट के बीच प्रिंस के दादा रामसिंह सरपंच का कहना है कि मेहनत का फल जरूर मिलता है। प्रिंस शुरू से ही पढ़ाई में होशियार है।
असफलता से विचलित न हो, लक्ष्य पर केंद्रित रहें
हथीन। बहीन के मोहित रावत ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पिछले साल तीसरा स्थान प्राप्त किया था। मोहित ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों को दिया है। मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले मोहित रावत की प्रारंभिक शिक्षा फरीदाबाद के एक निजी स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आईआईटी में प्रवेश लिया और कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया। बीटेक करने के बाद दो वर्ष तक नौकरी की। वर्ष 2017 में यूपीएससी परीक्षा पास करने का लक्ष्य बनाया। दिल्ली से कोचिंग की। पहले दो साल उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनके पिता जवाहर सिंह व चाचा बीएस रावत ने उनका उत्साह बढ़ाया। वर्ष 2020 में उन्होंने दूसरे प्रयास में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करते हुए तीसरी रैंकिंग प्राप्त की। अभी उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई थी कि शुक्रवार को यूपीएससी का परिणाम घोषित हो गया।
मोहित का कहना है कि किसी भी परीक्षा की तैयारी करते समय असफलता से विचलित नहीं होना चाहिए। उन्हें स्वयं यूपीएससी में तीसरे प्रयास एवं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के दूसरे प्रयास में सफलता मिली। यूपीएससी में उन्होंने प्रति दिन 10 घंटे की मेहनत की। टाइम मैनेजमेंट के तहत रणनीति बनाई। उनका कहना है कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत के साथ अपने आप पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। एक दो बार यदि असफलता भी हाथ लगती है तो निराश न हों, लक्ष्य पर केंद्रित रहें। मोहित रावत के पिता सिंचाई विभाग में बतौर सुपरवाइजर सेवारत रहे हैं। वहीं, उनके चाचा बीएस रावत इसी विभाग में कार्यकारी अभियंता के रूप में सेवारत हैं। विधायक प्रवीण डागर, पूर्व विधायक केहर सिंह रावत, बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सूरज पांडे ने उनकी सफलता पर उन्हें बधाई दी है।
कीर्ती तोमर- फोटो : Palwal
बेटे प्रिंस को मिठाई खिलाकर खुशी जताती मां अनुबाला देवी- फोटो : Palwal