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किसानों को संगोष्ठी में दी बागवानी के बारे में जानकारी

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होडल। शहर में स्थित एकीकृत बागवानी विकास केंद्र में किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में जिला बागवानी अधिकारी अब्दुल रज्जाक ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को बागवानी फसलों की खेती में विभिन्न बीमारियों व मौसमी खतरों से वित्तीय नुकसान न उठाना पड़े, इसके लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के तहत टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, भिड़ी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, मूली, फलों की फसलों में आम, किन्नू, बेर व अमरूद तथा मसालों में हल्दी व लहसुन की फसलों को सूचीबद्ध किया गया है।
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उन्होंने कहा कि योजना को लागू करने का उद्देश्य किसानों को ज्यादा जोखिम वाली बागवानी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि बागवानी किसानों को विभिन्न कारणों से भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है। जिनमें फसलों में अचानक बीमारी फैलने, कीटों के संक्रमण जैसे जैविक कारक और बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि, सूखा, पाला, अत्यधिक तापमान जैसे प्राकृतिक कारक शामिल हैं। इसलिए ‘मुख्यमंत्री बागवानी योजना’ के तहत 21 फसलों को कवर किया गया है। योजना के तहत किसानों को सब्जी एवं मसाला फसलों की 30 हजार रुपये और फल फसलों की 40 हजार रुपये की बीमा राशि के लिए 2.5 प्रतिशत क्रमश: 740 रुपये और 1000 रुपये ही अदा करने होंगे। मुआवजे के लिए सर्वेक्षण और नुकसान की चार श्रेणियों 25, 50, 75 और 100 प्रतिशत होंगी। यह योजना किसानों के लिए वैकल्पिक होगी। किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसल और क्षेत्र का पंजीकरण करते समय इस योजना का विकल्प चुनना होगा। योजना के तहत फसल हानि का आकलन व्यक्तिगत क्षेत्र स्तर पर किया जाएगा।
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