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नहीं रुक रही पराली व कूड़ा जलाने की घटनाएं

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पलवल। जिला प्रशासन व कृषि विभाग द्वारा किसानों व आम लोगों को रोजाना कूड़ा व पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन न तो लोग कूड़ा जलाने से बाज आ रहे हैं और न ही किसान पराली जलाने से रुक रहे हैं। जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कूड़ा व पराली जलाने से इतना धुआं निकल रहा है कि आसपास के क्षेत्रों में कुछ दिखाई नहीं देता है। ऐसे में सांस व अस्थमा के मरीजों को बेहद परेशानी हो रही है। उनका घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। जिला प्रशासन भी कूड़ा व पराली जलाने वालों पर रोक लगाने में नाकामयाब साबित हो रहा है।
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बुधवार को भी पलवल जिले में दर्जनों जगह कूड़ा जलता मिला। कई स्थानों पर पराली जलती मिली। जहां पराली जलती मिली, वहां तो धुआं का इतना बुरा हाल था कि आसमान में धुंध व धुआं ही धुआं दिखाई दे रहा है। आसपास के लोगों का उन स्थानों से निकलना बेहद मुश्किल हो रहा था। ठंडा दिन होने के बावजूद आग लगाने से आसपास के माहौल में गर्माहट थी। लगातार जलाई जा रही इस तरह पराली से आसपास के लोग डरने भी लगे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन की नजरों के सामने यह सब हो रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इन स्थानों पर जलती मिली पराली व कूड़ा
पलवल में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रसमलपुर, लुलवाडी, बाता, अमरौली, औरंगाबाद के आसपास पराली जलती मिली, वहीं पलवल में अनाज मंडी, पुरानी सब्जी मंडी, मीनार गेट, पुराने जीटी रोड के अलावा हथीन में बिजली पावर हाउस के पास बुधवार को भी कूड़ा जलता मिला। जबकि लोगों ने मंगलवार को ही जलते कूड़े फोटो खींचकर प्रशासन को भेजे हैं, लेकिन उसके बावजूद इन घटनाओं पर रोक नहीं लग रही है।
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डाक्टर दे रहे बचाव की सलाह
जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है कि जहां कूड़ा व पराली जलाई जा रही है, उस स्थान के आसपास जाने से लोगों को खासकर सांस व अस्थमा के मरीजों को बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में प्रशासन को लिखा गया है कि आग जलाने की घटनाओं पर रोक लगाई जाए। पिछले कुछ दिनों से सांस के मरीज अस्पताल में ज्यादा आ रहे हैं। पिछले दिनों की तुलना में अब 30 प्रतिशत लोग अधिक सांस की बीमारी से ग्रस्त आ रहे हैं।
खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अभी तक 100 के करीब किसानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को इस पर ध्यान देकर कार्रवाई करने के आदेश दे दिए हैं।
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- कृष्ण कुमार, उपायुक्त पलवल
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