पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में भ्रष्टाचार का पूरा बोलबाला है। कभी किसी डॉक्टर पर तो कभी किसी स्वास्थ्य कर्मी पर इलाज के नाम पर रुपये मांगने की शिकायतें आती रहती हैं। कई बार तो इस संदर्भ में लोग ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री तक के ट्विटर पर भी शिकायत कर चुके हैं। अब जिला नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ पर एक बच्चे के हाथ में लगी चोट पर ऑपरेशन करने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिजनों ने इसकी शिकायत जहां सिविल सर्जन को दी है, वहीं स्वास्थ्य मंत्री को भी चिकित्सक के खिलाफ शिकायत दी है।
गांव घुघेरा हाल वार्ड नंबर 16 सल्लागढ़ निवासी बुजुर्ग गिरिराज सिंह अपने बेटे के साथ पौत्र यश को लेकर जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे। यश के हाथ में चोट लगी हुई थीं। बताया गया कि यश एक निजी स्कूल में कक्षा चार का छात्र है। यश कुमार को स्कूल में किसी दूसरे बच्चे के धक्का दिए जाने के बाद गिर गया था। जिसके बाद कोहनी में चोट आई थी। इसके उपचार के लिए उसे उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल लेकर आए थे। बुुजुर्ग गिर्राज सिंह ने बताया कि हड्डी रोग रोग विशेषज्ञ ने इलाज के लिए फाइल तो बना दी। लेकिन जैसे ही बच्चे के इलाज के लिए ऑपरेशन थिएटर में ले जाने की बात हुई। तभी डॉक्टर ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग कर दी और कहा कि 10 हजार दे दो। तभी इसका इलाज होगा। अचानक से 10 हजार रुपये इलाज के लिए मांगने पर बुजुर्ग गिर्राज सिंह तथा उनका बेटा डॉक्टर पर भड़क गए और वे वहां चिल्लाने लगे। इस दौरान वहां भीड़ भी एकत्रित हो गई। उनका कहना था कि जब मरीजों से रुपये मांगे जाते हैं। यह किस बात का सरकारी अस्पताल है।
इस बारे में उप सिविल सर्जन डॉ. अजय का कहना था कि सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए कोई पैसा नहीं लगता है। यदि कोई डॉक्टर पैसे की मांग करता है तो वह गलत है। कोई भी व्यक्ति इलाज के लिए पैसे न दे। यदि कोई पैसे लेता है तो उसकी रसीद अवश्य ही ले लें। उन्होंने कहा कि उनके पास अभी तक शिकायत नहीं पहुंची है। शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।