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Palwal News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 3,671 मामलों की सुनवाई, 2,240 का मौके पर निपटान

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- पलवल, होडल व हथीन में आयोजित लोक अदालत में मोटर व्हीकल एक्ट व बिजली चोरी के 592 मामलों की हुई सुनवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा जिला अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीश जिंदिया व सचिव कुनाल गर्ग के नेतृत्व में पलवल, होडल व हथीन की अदालतों में 3,371 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 2,240 मामलों का मौके पर ही निपटान कर दिया गया। पलवल न्यायिक परिसर में मामलों की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश गर्ग, प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश कुबूद गुगनानी, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पूनम कंवर, प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट विनती व प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट मीता कोहली की न्यायिक पीठ ने की।
होडल न्यायिक परिसर में प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट दीपक यादव की न्यायिक पीठ तथा हथीन न्यायिक परिसर में पवन की न्यायिक पीठ ने राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई। इसके अलावा चेयरमैन पब्लिक यूटिलिटी सर्विस एवं परमानेंट लोक अदालत अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अभिषेक फुटेला के द्वारा भी प्री-लिटिगेटेड मुकदमों का निपटान किया गया। सभी न्यायिक पीठों में अधिवक्ता फुलवास डागर, अधिवक्ता महिपाल बघेल, अधिवक्ता महेश चंद शर्मा, अधिवक्ता कृष्णा शर्मा, अधिवक्ता हंसराज, अधिवक्ता संदीप अग्रवाल और अधिवक्ता टेकचंद बतौर सदस्य पीठ शामिल हुए।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुनाल गर्ग ने राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतों में वाहन दुर्घटना मुआवजा, बैंक वसूली, राजीनामा योग्य फौजदारी मामले, बिजली एवं पानी के बिल संबंधी मामले, श्रम विवाद, सभी प्रकार के पारिवारिक विवाद, चैक बांउस, राजस्व मामले रखे गए। लोक अदालत में इन विवादों के निपटारे के लिए सुलह एवं समझौते के आधार पर निपटारे के प्रयास किए गए, जिसके चलते राष्ट्रीय लोक अदालतों में पारिवारिक मामलों में 12 में से 11 मामलों का सहमति से निपटाया गया। फौजदारी के 552 मामलों में से 246 मामलों का निपटारा हुआ। चेक बाउंस के 100 में से 18 मामले आपसी सहमति से निपटाए गए। वाहन दुर्घटना के 82 मामलों में से 27 मामलों को निपटाया गया। बैंक वसूली के 217 में से 177 मामले निपटाए गए। अन्य दीवानी मामलों में 334 में से 181 मामले निपटाए गए। मोटर व्हीकल एक्ट व बिजली चोरी के 592 मामलों की भी सुनवाई की गई।
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