होडल। शहर में रेहड़ी लगाकर अपना काम करने वाले स्ट्रीट वेंडरों को लोन दिलाने के नाम पर फॉर्म तो भरवा लिए, लेकिन लोन की रकम अभी तक नहीं मिल पाई। कुल 1318 पात्रों ने फॉर्म भरे थे जिसमें से महज 543 वेंडरों को ही इसका लाभ मिल पाया। बाकी वेंडर अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे जल्द ही गृहमंत्री अनिल विज से मिलेंगे।
प्रदेश सरकार द्वारा वेंडरों को अच्छे दिन आने के सपने दिखाए गए। इसके लिए पूरे जिले के शहरों में सर्वे किया गया कि कितने स्ट्रीट वेंडर हैं। उसका डाटा इकट्ठा किया गया। सर्वे के दौरान 1318 लोगों ने लोन के लिए आवेदन कर दिया लेकिन जिला अधिकारी केवल 543 को ही अभी तक लोन दिला पाए है। पिछले साल जब कोरोना संकट आया तो केंद्र सरकार ने स्ट्रीट वेंडरों के लिए योजना तैयार की थी। इसके लिए कहा गया कि शहर में काम करने वाले इन वेंडरों को लोन दिया जाए। इसके लिए पूरे शहर का निरीक्षण कर इनकी पहचान की गई। पूरे जिले में हजारों की संख्या में स्ट्रीट वेंटरों का चयन किया गया। जिसमें पलवल व होडल हसनपुर सहित हथीन शहर शामिल है। जिले में कुछ 1650 स्ट्रीट वेंडर हैं जिसमें से 135 की फाइल लंबित पड़ी है।
10 हजार रुपये का लोन मिलना है
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत शहर में फेरी लगाकर फल-सब्जी बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को 10 हजार रुपये तक का लोन देने का प्रावधान है। यह लोन एक साल के लिए मिलेगा। इसके ब्याज पर 7 प्रतिशत सब्सिडी भी मिलेगी। इन रुपये के जरिए स्ट्रीट वेंडर्स अपनी आजीविका चला सकेंगे। घर की छोटी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा ही लोन दिलाया जाएगा।
स्ट्रीट वेंडरों को नहीं मिली मिली जगह
कई वर्ष पहले रेहड़ी संचालकों ने सरकार व प्रशासन से रेहड़ी का एक स्थान निश्चित करने की मांग की थी जिसको लेकर जिला प्रशासन ने शहरों में लगने वाली रेहड़ी संचालकों के लिए जगह निर्धारित करने के लिए टीम गठित की जिसमें जगहों का चयन किया। लेकिन नगर परिषद के अधिकारी इन जगहों को दिलाने में नाकाम रहे। यही कारण था कि यह प्रोजेक्ट बीच में ही रुक गया और उसके बाद न शहरी आजीविका मिशन के अधिकारियों ने रुचि दिखाई न ही नगर परिषद के अधिकारियों ने। स्थायी जगह के अभाव में अक्सर रेहड़ी चालकों को परेशानी आती है।
नेशनल अर्बन ल्यूड मिशन की ओर से जिले में रेहड़ी संचालकों को समय-समय पर नई-नई योजनाओं के बारे में अवगत कराया जाता है। सरकार की ओर से रेहड़ी लाइसेंस बनाने का एक मौका और दिया जा रहा है। कोई भी रेहड़ी संचालक सीएचसी सेंटर पर जाकर 15 अगस्त तक अपना लाइसेंस व लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है ।
- लिखी राम शर्मा, एसएमआईडी पलवल नेशनल अर्बन ल्यूड मिशन
पिछले दिनों बैठक की गई थी। उसमें आदेश दिए थे कि स्ट्रीट वेंडरों के लिए जगह का चयन किया जाए। लोन लेने के लिए आवेदन करना होगा। अगर कोई रह गया है तो उसका लोन भी जल्द पास हो जाएगा।
- वकील अहमद, एसडीएम होडल