- एक व्यक्ति की हत्या और दो को गंभीर रूप से किया था घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शैक्षणिक दस्तावेज की जांच करने की शिकायत करने पर गांव अल्लीका में हुए खूनी संघर्ष के आरोपी सरपंच के पति सहित चार को गदपुरी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को हत्या के 24 घंटे बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार को आरोपियों को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड पर लिया है। अभी भी मामले में करीब 16 आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
गदपुरी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजबीर सिंह के अनुसार बृहस्पतिवार को गांव अल्लीका निवासी अमित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी भाभी पिंकी ने सरपंच पद का चुनाव लड़ा था। उसके सामने हेमराज की पत्नी निशा ने चुनाव लड़ा और वह जीत गई। उन्हें पता चला की निशा ने सरपंच के चुनाव में फर्जी शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र लगाया था, इसलिए उसके चचेरे भाई उत्कर्ष ने जिला उपायुक्त कार्यालय, सीएम विंडो व आरटीआई लगाई हुई है। 27 सितंबर को आरटीआई का जवाब देने के लिए निशा सरपंच को उपायुक्त कार्यालय बुलाया गया था। सरपंच निशा के साथ उसका पति हेमराज, हितेश व विशाल भी कार्यालय पहुंचे। आरोपियों ने कार्यालय की पार्किंग में उत्कर्ष को धमकी दी थी कि शिकायत वापस नहीं ली तो परिवार को अंजाम भुगतना होगा। इसी रंजिश में बुधवार देर रात सरपंच निशा के पति हेमराज अपने 20 साथियों के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी व दो बाइकों से चाचा देशराज के घर पहुंच गए और गालियां देनी शुरू कर दीं। शोर सुनकर वह उसका भाई अमन, चाचा सुमेर, चाची गुलबीरी व परिवार के अन्य सदस्य बाहर निकल आए। उन्हें देखते ही सरपंच पति हेमराज व यशपाल फौजी ने कहा कि आज इनमें से कोई बचना नहीं चाहिए और अवैध हथियारों से ताबड़-तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग होते ही वे अपने घर के अंदर भागे। आरोपियों ने उसकी चाची गुलबीरी के पैर में कई गोलियां मारीं तथा चाचा सुमेर के पेट में गोली मार दी। उसके पैरों में भी कई गोलियां लगीं। इस दौरान करीब दो दर्जन गोलियां चलाई गईं। गोली लगने से तीनों जमीन पर गिर गए। आरोपी हवा में गोलियां चलाते हुए व हथियारों को लहराते हुए मौके से फरार हो गए। जिसके बाद उनके परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सक ने उसके चाचा सुमेर को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसे व उसकी चाची गुलबीरी को फरीदाबाद के लिए रेफर कर दिया। उनका उपचार फरीदाबाद अस्पताल में चल रहा है। शहर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर सरपंच निशा, उसके पति हेमराज, सूरज, यशपाल फौजी, संदीप, विशाल, प्रत्येक, जय, प्रदीप, हितेश, कृष्ण, मोहित, कृष्ण, निखिल, सौरभ, मनीष, सौरभ उर्फ लीले, नेपाल, सतीश व महेंद्र पूर्व सरपंच के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सरपंच पति हेमराज, संदीप, मनीष और कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि हत्याकांड में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।