फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुखार से पांच की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
पलवल। जिले में डेंगू का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। सोमवार को जुड़वां बच्चों के साथ गर्भवती महिला और एक बच्ची की जान चली गई। तो वहीं मंगलवार को हथीन में दो और पलवल में एक मौत डेंगू से हो गई। मृतकों के परिजन उनकी मौत का कारण डेंगू बता रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग डेंगू फैलने की बात से इंकार कर रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग यह भी स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि बुखार से इतनी मौत कैसे हो रही हैं। निजी अस्पतालों में इन मरीजों में डेंगू की पुष्टि की गई थी। डेंगू से ग्रस्त एक बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन

सोमवार देर शाम डेंगू आशंकित शिवानी गर्ग गर्भवती थीं और उसके पेट में जुड़वा बच्चे थे। उन्हें मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन व करूणमयी संस्था के सदस्यों ने प्लेटलेट्स चढ़वाई थीं, लेकिन दोपहर को उनकी मौत हो गई। शिव विहार स्थित सरीना नामक बच्ची की भी सोमवार शाम को प्लेटलेट्स कम होने और तेज बुखार से मौत हो गई। मंगलवार को सुबह कुसलीपुर निवासी 15 वर्षीय तनुज की जान चली गई। उसे पांच दिनों से बुखार था। वहीं, हथीन में भी दो बच्चों की मौत मंगलवार को हो गई। लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर न होने के चलते लोगों की मौत हो रही हैं।
सुविधाएं न होने पर किया भर्ती करने से इंकार
जिला नागरिक अस्पताल में ही मंगलवार को सुबह मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हाजी यूनुस अहमद एक मजदूर के बच्चे की हालत खराब होने पर भर्ती कराने पहुंचे। जहां सुविधाओं के अभाव में उसे नल्लड़ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। हाजी यूनुस अहमद ने बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
विज्ञापन

पलवल में डेंगू के ज्यादा मरीज नहीं है। निजी अस्पतालों द्वारा गलत आंकडे़े पेश किए जा रहे हैं। पलवल में बुखार फैला हुआ है। बुखार से ही प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। आशंकित मरीज जिला नागरिक अस्पताल में खून की जांच कराएं। जिला नागरिक अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं को बेहतर किया जाएगा।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन
रोजाना पहुंच रहे 400 से अधिक बुखार के मरीज
होडल। उपमंडल में डेंगू लगातार बढ़ रहा है। निजी अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। उपमंडल नागरिक अस्पताल में ही प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज बुखार से ग्रस्त उपचार के लिए आ रहे हैं। फिजिशियन डा. पंकज ने बताया कि वायरल बुखार के मरीज इस मौसम में बढ़ते ही हैं। कई दिन तक बुखार रहने से निमोनिया की स्थिति बन जाती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। वायरल संक्रमण एक से दूसरे तक भी पहुंचता है, इसलिए बेहतर होगा कि मरीज से दूरी बनाकर रखें। प्लेटलेट़्स किसी भी बुखार में कम हो सकती हैं। 20 हजार से प्लेटलेट्स कम हो जाएं तो मरीज को खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सावधान रहें तथा अपने आसपास पानी जमा न होने दें। बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें