पलवल। किसान संघर्ष समिति पलवल के तत्वावधान में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा किसानों का धरना जारी रहा। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता धनीराम अलालपुर ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। धरने में तेवतिया पाल के किसान भारी संख्या में पहुंचे। औरंगाबाद निवासी चौधरी मट्टर के भतीजे जगदीश व खेडला निवासी राजेंद्र सरपंच के बड़े भाई की असमय मौत पर दो मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त किया गया।
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता महेंद्र सिंह चौहान व राजकुमार ओहलियान ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के वापस लेने से यह एतिहासिक आंदोलन खत्म नहीं होगा। यदि प्रधानमंत्री का 56 इंच का सीना है तो वे अपनी ही कही बातों को पूरा करें। सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए। सी टू प्लस 50 को लागू किया जाए। वायु प्रदूषण विधेयक से पराली हटाई जाए। किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। बिजली संशोधन बिल 2020 वापस लिया जाए। लेबर कोड्स बिल को वापस लिया जाए। किसानों ने कहा कि 700 किसानों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। किसान अपना पूरा हक लिए बिना घर वापसी नहीं करेंगे। बीते एक साल में किसानों ने सर्दी, गर्मी, बारिश सभी मौसमों की मार झेलते हुए अपने संघर्ष जारी रखा। दर्जनों बार सड़क जाम की, पुलिस की लाठियां खाई। अब किसान अधूरी जीत के साथ वापस नहीं लौटेंगे। धरने को किसान सभा के जिलाध्यक्ष धर्मचंद घुघेरा, राजेंद्र बैंसला बडौली, सोहन पाल प्रधान, उदय सिंह, कृषि विशेषज्ञ डॉ. महावीर सिंह मलिक, डॉ. रघुबीर सहित अन्य ने संबोधित किया।