पलवल। कृषि कानून वापसी के बाद छह प्रस्तावों को पूरा करने की मांग को लेकर केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा किसानों का धरना जारी रहा। मंगलवार को धरने में तेवतिया पाल के गांव अलावलपुर, जनौली, बढराम, कटेसरा, सदरपुर, छपरौला, दुधौला सहित अन्य गांवों किसान भारी संख्या में पहुंचे। इस अवसर पर तिगांव के पूर्व विधायक ललित नागर ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों को संबोधित किया। उन्होंने किसानों का पूरा सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। किसान संघर्ष समिति पलवल के नेतृत्व में जारी धरने की अध्यक्षता रूपचंद दलाल ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया।
धरने में केंद्र सरकार द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया को संसद में शुरू करने के निर्णय का स्वागत किया। इस अवसर पर किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि किसान-मजदूर एकता के चलते सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया है। सरकार के इस निर्णय का किसान स्वागत करते हैं, परंतु अभी किसानों को मुख्य मांगे लंबित हैं, जिन्हें सरकार शीघ्र पूरा करे, जिसके कि सरकार अपने घरों को लौट सके। उन्होंने कहा कि मांगों का पूरा करने तक किसान किसी भी कीमत पर आंदोलन समाप्त नहीं करेंगी। इस अवसर पर अच्छेलाल जोधपुर, गोपी हवलदार, हुकम सिंह चौहान, बीर सिंह चौहान, चंद्रमुनि डागर, राम सिंह चौहान, रोशनलाल अल्लीका, ब्रजलाल महाशय, धन्नी तेवतिया और श्रीचंद महाशय ने भजन प्रस्तुत किए। धरने को उदय सिंह सरपंच, सोहनपाल चौहान, वरुण तेवतिया, बीधू सिंह, ताराचंद प्रधान, राजेंद्र बैंसला, डिगंबर तेवतिया, नरेंद्र सहरावत, धनीराम थानेदार, चेतराम मेंबर ने भी संबोधित किया।
किसानों की प्रमुख मांगें
न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दी जाए।
आंदोलन के दौरान शहीद हुए 700 किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाए।
मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाए
मृत किसानों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
किसानों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाए।
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए।
बिजली संशोधन बिल वापस लिया जाए।
पराली को विधेयक से बाहर करने का लिखित कानून बने।