होडल। नगर परिषद की लापरवाही के कारण शहर के बाजारों में अतिक्रमणकारियों का बोलबाला है। परिषद प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान भी पूरी तरह से फेल है। शहर के मुख्य बाजार में तो ऐसी कोई भी गली नहीं है कि जहां दुकानदारों, रेहड़ी पटरी वालों ने अतिक्रमण नहीं कर रखा हो। बाजार में लगातार होते जा रहे अतिक्रमण से लगता है कि जैसे शहर में प्रशासन नाम की कोई चीज ही नहीं हो। बाजार के अधिकांश दुकानदारों ने अपनी अपनी दुकानों के आगे तख्त व रेहड़ी आदि लगवाई हुई है, जिनसे दुकानदार भी 500 से 700 रुपए प्रति दिन के हिसाब से अवैध रूप से वसूली करते हैं।
दूर दराज के क्षेत्रों से खरीदारी करने के लिए आने वाले लोगों को जाम के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विभागीय अधिकारी भी दबे मुंह राजनीतिक दबाव होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। जिसके कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। शहर के मुख्य बाजार गांधी चौक के आसपास तो अधिकांश दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामने तख्त आदि लगवाए हुए हैं, जिनसे हजारों रुपये प्रति दिन के हिसाब से अवैध वसूली करते हैं। यहां अतिक्रमण के कारण पैदल निकलना भी दूभर हो जाता है।
कहां-कहां अतिक्रमण
शहर के गांधी चौक से लेकर भरत मिलाप चौक, सर्राफा बाजार, मुख्य बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, स्टेट बैंक के निकट, हसनपुर चौक, अग्रसेन चौक, पुरानी अनाज मंडी, पुरानी तहसील रोड, खटीकवाडा से गोडोता चौक, नानक डेरी रोड, पुन्हाना चौक, हसनपुर चौक, अग्रवाल भवन के आसपास, राजीव गांधी चौक से हसनपुर चौक तक सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण किया हुआ है। उक्त जगहों पर किए गए अतिक्रमण के कारण यहां आए दिन घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर में आए दिन लगने वाले जाम में प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन भी फंसे रहते हैं, लेकिन इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लेते हैं।
समय समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है। अगर कोई दुकानदार अपनी दुकान के सामने तख्त आदि लगवाकर अवैध रूप से वसूली करता है तो उसके खिलाफ पालिका एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बाजार के दुकानदार एक सप्ताह के अंदर स्वयं ही अतिक्रमण हटा लें नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।
-देवेंद्र कुमार, सचिव नगर परिषद