हथीन। अब जिले के पांच सरकारी संस्कृति मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापक ब्लैकबोर्ड पर चॉक घिसते नजर नहीं आएंगे। अब वे डिजिटल बोर्ड पर पढ़ाई कराएंगे। इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए जिले के मॉडल स्कूलों को 15 डिजिटल बोर्ड वितरित किए गए हैं। अब इन्हें इंस्टालेशन कर प्रक्रिया में लागू करना शेष है, जो एक निजी कंपनी द्वारा किया जाएगा। अध्यापकों को भी डिजिटल बोर्ड पर पढ़ाई कराने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना के अनुसार सरकारी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड से पढ़ाई कराई जाएगी। डिजिटल वर्क के बढ़ते प्रचलन के चलते स्कूलों में भी इसे लागू किया गया है, ताकि जो भी विद्यार्थी 12वीं उत्तीर्ण होकर जाएगा, उसे डिजिटल वर्क का ज्ञान हो। सरकार की योजना डिजिटल बोर्ड को कक्षा 9वीं से 12वीं तक लागू करने की है। धीरे-धीरे इस सिस्टम को नौंवी कक्षा तक लागू किया जाना है। भविष्य में इसे मिडिल स्कूल तक भी लाया जा सकता है। लॉकडाउन में जब स्कूल बंद थे, तब डिजिटल पढ़ाई बड़ी उपयोगी सिद्ध हुई थी। जिनके पास लैपटॉप, कंप्यूटर या स्क्रीन थी, उन्होंने उनका सहारा लिया।
स्कूलों को ये डिजिटल बोर्ड हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से दिए गए हैं। यह डिजिटल बोर्ड फिलहाल स्कूलों में रखे हुए हैं, क्योंकि इनका पूरा सिस्टम लागू करने से पहले इनमें सॉफ्टवेयर इंस्टालेशन की जानी है और अन्य उपकरण भी इनसे जोड़े जाएंगे। बिजली की भी विशेष व्यवस्था करनी होगी।
शिक्षकों को किया जा रहा प्रशिक्षित
जिन-जिन स्कूलों में डिजिटल बोर्ड से पढ़ाई कराई जानी है, उन स्कूलों को सूचीबद्ध किया गया है। उन स्कूलों के शिक्षकों को डिजिटल बोर्ड पर पढ़ाई कराने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। महेंद्रगढ़ के डाइट कॉलेज में यह प्रशिक्षण कार्य किया जा रहा है और शीघ्र ही प्रशिक्षित शिक्षक स्कूलों में चॉक-बोर्ड की बजाए डिजिटल बोर्ड पर पढ़ाई कराते दिखाई देंगे। पलवल में हथीन, होडल, बडौली, पृथला एवं धतीर के मॉडल स्कूल शामिल हैं।
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अन्य स्कूलों में भी लगाए जाएंगे डिजिटल बोर्ड
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल ने बताया कि सभी स्कूलों को तीन-तीन डिजिटल बोर्ड दिए गए हैं। शेष स्कूलों में भी डिजिटल बोर्ड शीघ्र लागू किए जाने की सरकार की योजना है। सरकार का उद्देश्य डिजिटल पढ़ाई से जोड़ना है। हथीन के खंड शिक्षा अधिकारी एवं हथीन संस्कृति मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य दयानन्द रावत ने बताया कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जिले के पांच सीनियर सेकेंडरी संस्कृति स्कूलों को डिजिटल बोर्ड दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल पढ़ाई से जोड़ना है और जागरूक बनाना है।