पलवल। दीपावली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, लोग घरों को सजाने में जुट गए हैं। इस बार महंगाई की मार सजावट के सामान पर अधिक पड़ रही है। महंगाई के चलते बाजारों में अभी तो भीड़ कम नजर आ रही है, लेकिन दुकानदारों को उम्मीद है कि एक-दो दिन में बाजारों में भीड़ जुट जाएगी। इसी उम्मीद से दुकानदारों ने दुकानों के बाहर सजावट का सामान लगाना शुरू कर दिया है।
बाजारों में चीनी सामान तो काफी है, लेकिन लोगों में चीनी सामान के प्रति उत्साह कम नजर आ रहा है। जिसे देख दुकानदार थोड़े परेशान हैं। इस बार दुकानदारों ने चीनी सामान कम ही मंगवाया है। पिछले सालों का जो सामान दुकानों में भरा हुआ है, उसे ही बेचने का प्रयास किया जा रहा है। दुकानदारों की माने तो लोगों में चीनी उत्पाद के प्रति उत्साह कम है। फिर भी दीपावली से एक-दो दिन पहले चाइनीज लाइटें बिकने की खासी उम्मीद है। बाजारों में जहां सजावट के सामान के रूप में कागज की झालर है। दरवाजों पर लटकाने के लिए कपड़े व कागज की झालर, दीवारों पर चिपकाने के लिए डिजाइनर सीट आदि ज्यादा बिक रही हैं। इनके अलावा मंदिरों के लिए गणेश व लक्ष्मी की मूर्तियां, जिनमें मिट्टी, मैटल की मूर्तियों की मांग ज्यादा है।
लाइटों में हैं काफी वैरायटी
घरों को सजाने और दीपावली पर उजियारा अधिक दिखाने के लिए लाइटिंग की वैरायटी काफी नजर आ रही है। बाजारों में इस समय मल्टी लाइट, घूमने वाला बल्ब, एलीडी डेकोरेशन लैंप, झालर, स्टार लाइट, घंटी लाइट, दीया लाइटें ज्यादा हैं। दुकानदारों ने इन्हें दुकानों के बाहर मेज लगाकर सजा दिया है। इनमें अधिकांश लाइटें चाइनीज भी हैं। इतना ही नहीं दीवारों पर लड़ी लगाने के लिए इस बार लोगों की मांग ज्यादातर घूमने वाले देशी बल्ब के अलावा जीरो वाट के बल्ब की लड़ियों की मांग ज्यादा है। ये लाइटें 18 रुपये से लेकर 1800 रुपये तक में बिक रही हैं। सजावट का सामान भी 50 रुपये से लेकर 2 हजार रुपये तक में बिक रहा है। पिछले साल के मुकाबले यह दाम काफी ज्यादा हैं।
बाजार में अभी फिलहाल भीड़ नहीं है। महंगाई ज्यादा है। पिछले साल जहां लाइटें 100 रुपये से 800 रुपये तक की थी, वहीं आज कीमत 200 रुपये से लेकर तीन हजार तक की सजावट वाली लाइटें हैं। महंगाई बढ़ने से लोगों की भीड़ कम नजर आ रही है। हालांकि उम्मीद है कि एक-दो दिन में भीड़ बढ़ेगी। चाइनीज सामान की मांग कम है। हमारे पास पुरानी पिछले सालों की चाइनीज लाइटें हैं, उन्हें ही बेचने का प्रयास किया जा रहा है। इस बार नया सामान नहीं मंगवाया है।
- बुधराम, दुकानदार