पलवल। पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता करण सिंह दलाल ने कहा है कि डीएपी की किल्लत ने किसानों को रुला दिया है। कालाबाजारी करने वाले डीएपी को दबाकर बैठे हैं और किसान मारा-मारा फिर रहा है। एक तरफ डीएपी की कमी तो दूसरी तरफ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने पर लोग डेंगू से मर रहे हैं, लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि डीएपी की किल्लत खत्म नहीं हुई तो वे पलवल जिले में बड़ा आंदोलन करेंगे। किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। करण सिंह दलाल बृहस्पतिवार को यहां जेसीबी स्कूल में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि किसान दोनों तरफ से मार खा रहा है। फसल को बेचने के लिए मंडियों में रात-दिन पड़ा रहता है, दूसरी तरफ डीएपी के लिए लाइनों में लगा रहता है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और कृषि मंत्री जेपी दलाल जैसे नेता किसानों का दर्द नहीं समझ सकते। ये लोग व्यापारी हैं, इसलिए किसान को किस तकलीफ से गुजरना पड़ता है, उन्हें नहीं पता। उन्होंने कृषि मंत्री द्वारा पिछले दिनों 300 एकड़ जमीन होने के दावे की सर्वोच्च न्यायालय से जांच कराने की भी मांग की। दलाल ने कहा कि विधायक व बाद में कृषि मंत्री बनने से पहले जो व्यक्ति जेई रहा हो, उसके पास 300 एकड़ जमीन होना अपने आप में सवाल खड़ा करता है। ऐसे व्यक्ति को पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए तथा सरकार को उसकी जमीन मामले व संपत्ति की जांच करानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने कालाबाजारी बंद नहीं कराई तो बड़े स्तर पर आंदोलन होगा। इस अवसर पर कांग्रेस नेता राजेश्वर गर्ग, राजेश ठाकुर, एसके शर्मा मौजूद थे।