पलवल। स्टेनो साहब बीडीपीओ साहब आज भी आएंगे या नहीं। अरे बाबा वे सर्वे पर गए हुए हैं। जब आएंगे तो आपको भी पता चल जाएगा। स्टेनो साहब रोज का काम हो गया है। इससे तो बड़ौली को ब्लॉक बनाते ही नहीं तो अच्छा था। कम से कम पलवल जाकर काम तो हो जाते थे। हर दिन का यही खेल हो गया है। लगता है अब इस कार्यालय पर ताला ही लगाना पड़ेगा।
यह कहना था गांव बड़ौली में स्थित ब्लॉक कार्यालय में आए लोगों का। बैसलात क्षेत्र के गांवों के लोग आए दिन ब्लॉक कार्यालय पर अपने कार्यों के लिए आते हैं और अधिकारियों व कर्मचारियों के न आने के कारण बिना कार्य वापिस लौट जाते हैं। पूरा ब्लॉक कार्यालय केवल एक स्टेनो व कम्प्यूटर ऑपरेटर के दम पर चल रहा है।
कहने को तो ब्लॉक कार्यालय में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, पटवारी, कम्प्यूटर आपरेटर, सहायक ब्लॉक अधिकारी, स्टेनो तथा अन्य स्टाफ नियुक्त है। लेकिन कार्यालय में केवल स्टेनो व कम्प्यूटर ऑपरेटर ही मिलते हैं। इस कारण ब्लॉक से संबंधित गांवों के लोग अपने कार्यों के लिए आए दिन भटकते रहते हैं। लोगों का कहना है कि बीडीपीओ को देखे एक-एक महीना हो जाता है। पटवारी के नहीं होने के कारण लोगों की रजिस्ट्री से संबंधित काम होते हैं और न ही पंचायत सचिवों से संबंधित काम होते हैं। गांवों में होने वाले विकास कार्यों का भी कोई का यहां नहीं हो रहा है।
समय: सुबह 11 बजे
कार्यालय बीडीपीओ
सुबह 11 बजे ब्लॉक कार्यालय में स्थित बीडीपीओ कक्ष खाली पड़ा था। न तो बीडीपीओ थे और न ही उनके सहायक। लोग बीडीपीओ के इंतजार में बैठे थे, लेकिन 11 बजे तक भी कोई नहीं आया। पूछने पर हर बार की तरह आज भी एक ही जवाब मिला कि सर्वे करने गए हैं। आखिरकार हारकर लोग अपने घरों को लौटने लगे।
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समय: सुबह 11.15 बजे
पटवारी कक्ष
ब्लॉक कार्यालय में स्थित पटवारी कक्ष के बाहर भी लोग इंतजार में थे। कोई जमीनों की फर्द निकलवाने आया था और कोई अपने किसी कार्य के लिए आया था, लेकिन पटवारी न मिलने के कारण लोगों को बिना कार्य के ही वापिस लौटना पड़ा। पटवारी के अलावा अन्य कक्षों सहायक व लिपिकों के कक्ष भी खाली थे। कोई कर्मचारी न मिलने के कारण लोग परेशान घूमते दिखाई दिए।
गांव खेडला से ग्राम सचिव के मकानों की मरम्मत से संबंधित बीपीएल वाले कागज पर हस्ताक्षर कराने आया हूं। पिछले कई दिन से चक्कर काट रहा हूं, लेकिन अधिकारी नहीं मिलते हैं। ऐसे में काम लटके हुए हैं। यहां अधिकारियों को समय पर भेजा जाए।
-गजराज, खेडला
बड़ौली गांव से ही हूं। कुछ लोगों ने रास्ता रोका हुआ है। जिसकी शिकायत लेकर मैं कई बार आ चुका हूं, परंतु बीडीपीओ यहां मिलती ही नहीं है। इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की है। गांवों में बीडीपीओ व अन्य अधिकारियों के न आने से लोग परेशान घूमते रहते हैं। अब सीएम विंडो पर ही शिकायत करूंगा।
-बिजेंद्र, बड़ौली
बीडीपीओ सप्ताह में दो दिन ब्लॉक कार्यालय में जाती हैं। उनके पास दूसरे ब्लॉक का भी चार्ज हैं। इसके अलावा अन्य अधिकारी बाहर गांवों में दूसरे कार्यों में भी व्यस्त रहते हैं। फिर भी मैं जानकारी लूूंगा कि क्या मामला है। यदि ड्यूटी पर होते ही गायब है तो कार्रवाई की जाएगी।
-शमशेर सिंह नेहरा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी पलवल