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बाबू जी... साहब कब तक आएंगे, कागजात पर हस्ताक्षर कराने हैं

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होडल नगर परिषद कार्यालय में खाली पड़ा ईओ का कार्यालय - फोटो : Palwal
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रोशन लाल शर्मा
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होडल। बाबू जी...साहब कब तक कार्यालय आएंगे। मुझे अपने कागजात पर दस्तखत कराने हैं। यह गुहार नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार सुबह से बैठी एक बुजुर्ग महिला की थी। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी से अधिकारियों के बारे जानकारी लेने के लिए इस तरह से गुहार लगा रही थी, लेकिन किसी भी कर्मचारी के पास उस बुजुर्ग महिला के सवालों के जवाब नहीं थे। यह बुजुर्ग महिला अकेली ही नहीं थी। कई और लोग भी थे, जो नगर परिषद कार्यालय में गंदगी और जलभराव की समस्या के संबंध में अधिकारियों के पास आए थे।
लघु सचिवालय में दूसरे तल पर बने नगर परिषद कार्यालय में तैनात अफसरों-कर्मचारियों को आला अधिकारियों और सरकार के आदेशों की बिल्कुल परवाह नहीं है। ड्यूटी टाइम में सुबह से शाम तक कार्यालयों से नदारद रहते हैं, जिससे उनकी कुर्सियां खाली रहती हैं। अपना दुखड़ा सुनाने आने वाले लोग प्रतिदिन परेशान हो वापस अपने घरों को चले जाते हैं। शुक्रवार को भी नगर परिषद में इस तरह के नजारे देखने को मिले। (संवाद)
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समय: दोपहर 12:00 बजे
स्थान: ईओ नगर परिषद कार्यालय
शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय में 12 बजे तक कार्यकारी अधिकारी (ईओ) के कार्यालय में कोई नहीं था। ईओ की कुर्सी खाली थी। बाहर भी कोई चपरासी नहीं था। लोग बाहर ईओ के इंततार में बैठे थे। कुछ परेशान होकर घर चले गए और कुछ इंतजार करते नजर आए।
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समय : दोपहर 12.5 मिनट
स्थान : कार्यालय सचिव नगर परिषद
नगर परिषद के सचिव भी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उनके कमरे में भी कुर्सी खाली पड़ी थी। उनके यहां भी लोगों को उनके आने की सूचना देने वाला कोई नहीं था। ईओ कार्यालय के ठीक बगल में कार्यकारी अभियंता के कार्यालय में जाकर देखा गया तो वहां पर भी कोई नहीं पहुंचा था। इनके बारे में जानकारी ली तो बताया गया कि उनके पास अतिरिक्त चार्ज है, वह भी नहीं आएं। कार्यालय नंबर तीन के साथ ही स्थित सेनेटरी इंस्पेक्टर के कार्यालय में भी अधिकारी नहीं थे।
कई जगहों पर लगे थे गंदगी के ढेर
गंदगी और जलभराव की शिकायत लेकर आए लोगों ने अधिकारियों के नहीं मिलने पर संवाददाता को शहर का दौरा कराया। जहां जगह-जगह जलभराव था, कई जगहों पर गंदगी के ढेर लगे थे। लोगों का कहना था कि इन समस्याओं को लेकर वे नगर परिषद कार्यालय में पिछले तीन दिनों से आ रहे हैं, लेकिन कोई अधिकारी कार्यालय में नहीं मिल रहे हैं।
नगर परिषद में कोई अधिकारी नहीं है। सुबह से यहां अपने बच्चों के जरूरी कागजात पर हस्ताक्षर करवाने के लिए आई हूं। पिछले तीन घंटे से इंतजार में बैठी हूं, कोई सुनवाई नहीं है।
- अनीता
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अधिकारियों की लापरवाही से कामकाज ठप है। यहां पर अधिकारी किसी की सुनते नहीं हैं। आम जनता धक्के खा कर वापस चले जाते हैं। एसडीएम से लेकर सभी अधिकारियों से शिकायत, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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- शीला देवी
क्या कहते है अधिकारी --
नगर परिषद कार्यालय में अधिकतर कर्मचारी डेपुटेशन पर आए हुए हैं, जिन्हें दूसरे स्थानों पर कार्यभार संभालना पड़ता है। फिर भी सप्ताह में कुछ अधिकारियों की नगर परिषद कार्यालय में ड्यूटी लगाई जाएगी, जिससे आम जनता के कार्य पूरे हो सके।
- वकील अहमद, एसडीएम होडल
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