संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। उपमंडल में विभिन्न रूटों पर चल रहे ऑटो चालकों की मनमानी से लोग बेहद परेशान हैं। एक तरफ ऑटो चालक निर्धारित दरों से अधिक किराया वसूल रहे हैं तो दूसरी तरफ सड़क पर मनमाने ढंग से ऑटो को खड़ा कर दुर्घटना को निमंत्रण दे रहे हैं। इससे लोगों में रोष है। लोग इसकी शिकायत भी कर चुके हैं और प्रशासन को भी इसकी पूरी जानकारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं होता। हथीन से उटावड का बस किराया 10 रुपए प्रति सवारी निर्धारित है, जबकि इस रूट पर चलने वाले ऑटो चालक प्रति सवारी 20 रुपए वसूल रहे हैं। इसी तरह हथीन से पलवल का निर्धारित बस किराया 20 रुपए प्रति सवारी है, जबकि ऑटो चालक मनमर्जी से 25 से 30 रुपए प्रति सवारी किराया वसूल रहे हैं। उटावड से मलाई का निर्धारित बस किराया पांच रुपये है जबकि ऑटो चालक 10 रुपये प्रति सवारी ले रहे हैं। हथीन से मण्डकोला बस किराया 10 रुपये है जबकि ऑटो चालक 20 रुपये वसूल रहे हैं।
सड़क के बीच में खड़ा कर देते हैं ऑटो
ऑटो चालक इतनी मनमानी करते हैं कि जहां मन करता है, उसे रोककर सवारियां भरनी शुरू कर देते हैं, चाहे फिर वह सड़क हो या चौराहा। इससे जहां कई बार जाम लग जाता है या फिर दुर्घटनाएं तक हो जाती हैं, लेकिन इसका असर ऑटो चालकों पर बिल्कुल नहीं पड़ता है। उन्हें तो अपनी सवारियां भरने से मतलब हैै।
क्षमता से अधिक सवारियां भरकर चलते हैं
ऑटो चालकों को प्रशासन व यातायात नियमों की भी कोई चिंता नहीं है। यह क्षमता से अधिक सवारियां भरकर चलते हैं। नियमानुसार ऑटो में तीन या चार सवारी बैठा सकते हैं, लेकिन 15 तक सवारियां होती हैं। इससे कई बार तो यह भी पता नहीं चलता है कि ऑटो चालक कौन सा है। अधिकांश चालकों के पास तो चालक लाइसेंस तक नहीं है, लेकिन आज तक यातायात विभाग व प्रशासन के द्वारा उनकी जांच तक नहीं की गई है।
दैनिक यात्री मोहम्मद जकरिया ने कहा कि जिला प्रशासन को ऑटो चालकों की मनमर्जी पर नियंत्रण लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में बस न होने से लोगों को मजबूरी वश ऑटो का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि अविलम्ब ऑटो चालकों को निर्धारित दरों से किराया वसूलने के निर्देश दिए जाएं।
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एसडीएम लक्ष्मी नारायण का कहना है कि उनके पास आज तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। वह इस बारे में जांच कराएंगे, यदि ऐसा कोई मामला मिला तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
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