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कृषि कानून वापस लेने की घोषणा किसानों की जीत

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होडल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक उदयभान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को अचानक से वापस लेने की घोषणा करने से किसानों की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर लाखों किसान लगभग एक साल से संघर्ष कर रहे थे, जिसमें किसानों की जीत हुई और भाजपा सरकार के अहंकार का नाश हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार न्यूनतम मूल्य पर खरीद को लेकर कानून बनाए और जिन किसानों ने इस आंदोलन में अपनी शहादत दी है, उनके परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए। उदयभान राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित अपने निवास पर पहुंचे सैकड़ों किसानों और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त कर रहे थे। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने रविवार को विजय दिवस के रूप में मनाया।
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इस अवसर पर उदय सिंह सौरोत, हेतराम, खैमचंद, मदन फौजी माहोली, वीरेंद्र सिंह, भूषण बेढा, भीम सिंह, जोगेंद्र सिंह, ताराचंद, सुंदर, प्रदीप, पप्पू खिरबी सहित किसान पूर्व विधायक के निवास पर पहुंच गए, जहां किसानों ने उदयभान और देवेश कुमार को पुष्प गुच्छ देकर और मिठाई खिलाकर इस जीत की बधाई दी। जिस पर उदयभान ने इस जीत को किसानों और पार्टी कार्यकर्ताओं की जीत बताया और उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इस कानून को कानूनी तौर पर रद्द नहीं करेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पिछले एक साल से किसान जिन काले कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए धरने पर बैठे हुए थे, उन कानूनों को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वापस लिए जाने की घोषणा से किसानों के चेहरों पर चमक लौटी है। अपनी मांग को लेकर किसानों को सर्दी, गर्मी और बरसात के मौसम में भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस की बर्बरता का सामना भी करना पड़ा, लेकिन देश के अन्नदाता भविष्य को बचाने के लिए अडे़ रहे। उदयभान ने किसानों के आह्वान पर सभी किसानों से अपील की है कि आगामी 26 नवम्बर का अटोहां पलवल में चल रहे किसान धरना स्थल पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें, जहां आंदोलन की आगामी रूपरेखा पर विचार किया जाएगा।
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