संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स यूनियन की जिला इकाई द्वारा मंगलवार को 16 फरवरी की हड़ताल को लेकर नोटिस सौंपा गया। जिला प्रधान उर्मिला रावत के नेतृत्व में सौंपे गए नोटिस में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलवाने, न्यूनतम वेतन 26 हजार तय कराने, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार वर्कर्स व हेल्पर्स को ग्रेचुएटी का भुगतान कराने की मांग की गई। इस दौरान निर्णय लिया गया कि ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स के आह्वान पर 16 फरवरी को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल होगी, जिसको सफल बनाया जाएगा।
जिला प्रधान उर्मिला रावत व सचिव कृष्णा ने बताया कि सरकार एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (आईसीडीएस) विभाग को निजी हाथों में सौंपने का षड़यंत्र कर रही है तथा बाल वाटिका खोलने के नाम पर आंगनबाड़ी केंद्रों को उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अपने चहेते लोगों को एनजीओ के माध्यम से विभाग में घुसाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को गैर आईसीडीएस कार्यों में लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएमएमवीवाई के फॉर्म आंगनबाड़ी वर्कर की आईडी से भरवाने के फैसले से कई जगह वर्कर्स व लाभार्थी के बीच विवाद पैदा हो रहे हैं, इसलिए इस योजना को वापिस लिया जाए। ब्लॉक में केंद्रों पर हेल्पर्स के पद खाली होने की वजह से राशन बनाने व वितरित करने में कठिनाई आ रही है। खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ईंधन की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की कमी के कारण विभाग ने काफी कार्यकर्ताओं को दो केंद्रों का चार्ज दे रखा है, लेकिन इसके लिए देय भत्ते का भुगतान पिछले कई साल से नहीं किया जा रहा है। यूनियन नेताओं ने नोटिस के माध्यम से उपरोक्त तमाम मुद्दों को लेकर 16 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लेने का आह्वान किया।