पलवल। आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्परस यूनियन की जिला इकाई ने बुधवार को चार दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव कुसलीपुर स्थित गुर्जर धर्मशाला एकत्रित हुईं, जहां पर सभा के बाद लघु सचिवालय तक जुलूस निकाला गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान उर्मिला रावत ने की, जबकि संचालन जिला सचिव कृष्णा ने किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला प्रधान उर्मिला रावत व सीटू के नेता धर्मचंद ने कहा कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2018 में आंगनबाड़ी यूनियन से आंदोलन के बाद समझौता किया था, जिसे आज तक लागू नहीं किया है। समझौते में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक जनवरी व एक जुलाई को महंगाई भत्ता देना था, जो एक बार देखकर आज तक दोबारा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्करों से सुपरवाइजर का 50 प्रतिशत प्रमोशन का कोटा सरकार ने तय करके आज तक उसे लागू नहीं किया है। भारत सरकार ने वर्ष 2019 में कार्यकर्ता के 15 सौ रुपए और सहायक के 750 रुपये की बढ़ोतरी की थी, जिसे आज तक लागू नहीं किया है। आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया समय पर नहीं मिल रहा है। वर्दी भत्ते को नहीं दिया जा रहा है और आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया शहर का तीन हजार और बड़े शहरों का पांच हजार है, जिसको सरकार आज तक लागू नहीं कर रही है। न ही कम देने वालों पर कोई कार्रवाई की जा रही है। बृहस्पतिवार को भी कार्यकर्ता गुर्जर धर्मशाला पर एकत्रित होकर प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन को किसान नेता दरियाब सिंह, रमेश चंद्र, ताराचंद, कमला, कृष्णा, बिमलेश, सुनीता, मधु, योगेश, शकुंतला, परसंदी, सीमा ने भी संबोधित किया।