पलवल। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन की जिला इकाई की हड़ताल 23वें दिन भी जारी रही। बृहस्पतिवार को भी कार्यकर्ता लघु सचिवालय स्थित पार्क में एकत्रित हुईं और धरना-प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सभी मांगे न माने जाने पर चार जनवरी तक हड़ताल जारी रखने की बात कही है।
सीटू नेता श्रीपाल भाटी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 29 दिसंबर को यूनियन की तालमेल कमेटी से बातचीत कर कुछ मांगो को माना है, लेकिन मुख्य मांग सरकार ने नहीं मानी है। सरकार ने कार्यकर्ता के 1500 रुपये व सहायक के 750रुपये बढ़ाने की घोषणा की थी उसे नही माना है। वर्ष 2018 में कार्यकर्ताओं को कुशल व अर्धकुशल माना था, लेकिन वार्ता में कुशल और अर्धकुशल की मांग को नहीं माना। हमारी मांग थी कि मौत होने पर सभी को तीन लाख का मुआवजा दिया जाए। सरकार ने इसे पीएम बीमा योजना से जोड़ा है, वह हमें स्वीकार नहीं हैं। सबसे महत्वपूर्ण मांग कार्यकर्ता से सुपरवाइजर के 50 प्रतिशत प्रमोशन होने थे, जिनको सरकार ने 25 प्रतिशत किया है। वह भी लिखित परीक्षा देने के बाद किए जाएंगे। इसके लिए आंगनबाड़ी यूनियन तैयार नहीं है। इन सभी मांगों को लेकर हड़ताल को चार जनवरी तक बढ़ाया गया है। पांच जनवरी को करनाल में अभूतपूर्व रैली होगी सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हमारी मांगों को पूरी तरह लागू करें अन्यथा यह आंदोलन और तेज होगा और इसमें अन्य विभागों के कर्मचारियों मजदूरों का भी समर्थन लिया जाएगा। धरने की अध्यक्षता रामरति दलाल व कृष्णा देवी ने की, जबकि संचालन जिला गीता देवी ने किया। सीटू के सचिव बैनीवाल व संयुक्त मंच के नेता देवी सिंह बेचैन ने भी अपने विचार रखे। धरने को कमला देवी, राजवती, ओमवती, विमलेश, पसंदी, पुष्पा, सीमा, शशि, अनीता, सुषमा, सरोज व ऊषा ने भी संबोधित किया।