हथीन। उपमंडल के एक दर्जन गांवों के मध्य से बह रही गुड़गांव नहर से पिछले एक साल में अवैध रूप से 323 क्यूबिक मीटर पानी चोरी कर लिया गया। करोड़ों रुपये मूल्य के पानी चोरी के मामले अब हरियाणा सरकार ने गंभीरता से लिया है। राज्य के सहकारिता मंत्री बनवारी लाल के निर्देशों पर राज्य के सिंचाई विभाग ने नहर से बड़े पैमाने पर पानी चोरी करने वालों की पहचान सर्वेक्षण के बाद कर ली है। हथीन स्थित सिंचाई विभाग के एसडीओ रियाज ने बताया कि पहचान करके 41 लोगों के नाम हथीन थाना को लिखित में दे दिए गए हैं। इन सभी पानी चोरों के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया है।
एसडीओ ने बताया कि विभाग ने नहर से अवैध कट लगाकर पानी चोरी के 123 स्थलों की भी पहचान की है। जिन पर पानी कट के केस बनाए गए हैं। इन लोगों ने पानी चोरी की पेनाल्टी राजस्व विभाग वसूलेगा। 27 कट केस के मामलों में पुलिस को भी आवश्यक कार्यवाही के लिए लिखा गया है। सिंचाई विभाग ने यह कार्यवाही छांयसा गांव के रामेश्वर सिंह एवं बीघावली गांव के प्रकाश वीर आर्य की शिकायत पर की है। शिकायतकर्ताओं ने गुड़गांव नहर से पानी चोरी के मुद्दे को जिला ग्रीवेंस कमेटी अर्थात जिला लोक संपर्क एवं परिवाद समिति की बैठक में 29 नवंबर को उठाया। बैठक में परिवाद समिति के चेयरमैन एवं राज्य के सहकारिता मंत्री बनवारी लाल ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए थे कि पानी चोरों करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रशासन हरकत में आया और पानी चोरों की पहचान की। उल्लेखनीय है कि पानी चोरों के द्वारा मछली पालन तालाबों के लिए पानी चोरी किया जा रहा है। जोकि सरकारी नियमों के विरुद्ध है।
पहचान तो की लेकिन कार्रवाई नहीं
शिकायतकर्ताओं रामेश्वर सिंह एवं प्रकाश वीर का कहना है कि विभाग ने पानी चोरों की पहचान तो कर ली है, परन्तु अभी तक आवश्यक कार्रवाई नहीं की है। हथीन थाना पुलिस ने सिंचाई विभाग की शिकायत पर अभी तक औपचारिक मुकदमा भी दर्ज नहीं किया है। जिससे पानी चोरी करने वाले अब भी पानी चोरी में लिप्त हैं। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही कड़ी कार्रवाई नहीं की तो उच्च अधिकारियों एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलकर कार्यवाही की मांग की जाएगी।