हथीन। चिल्ली गांव की अस्थायी ओपीडी में सोमवार को भी बुखार के नए 30 मरीज मिले। इनमें से दो मरीजों को हालत गंभीर होने के कारण पलवल जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। इनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है।
प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि सोमवार को चिल्ली गांव के ओपीडी में 77 लोग पहुंचे। इनमें से सात लोग अन्य गांवों से भी आए। उन्होंने बताया कि सोमवार को मलेरिया एवं बुखार की जांच के लिए 12 लोगों के रक्त सैंपल लिए गए। इसके अतिरिक्त डेंगू की जांच के लिए भी 12 लोगों के नमूनों लैब में भेजे गए हैं। सोमवार को मेडिकल स्टाफ ने 262 घरों में थर्मल स्क्रीनिंग की है। अब तक बुखार के मरीजों के लिए गए सैंपलों में से किसी में भी मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। कोरोना का कोई केस भी सामने नहीं आया है। हालांकि, कई मरीजों में प्लेटलेट्स कम मिले हैं, लेकिन डेंगू होने की पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि गांव में गर्भवती महिलाओं की भी जांच की जा रही है। इनके हीमोग्लोबिन की जांच कर दवाइयां दी जा रही हैं। वहीं, अस्थायी ओपीडी में एक दर्जन ऐसे बच्चे भी तीन दिन में आए हैं, जिनके कान बह रहे हैं। ऐसे बच्चों का भी इलाज चल रहा है। त्वचा रोग के भी मरीज भारी संख्या में आ रहे हैं। गांव के निवर्तमान सरपंच नरेश कुमार ने भी अपनी टीम के साथ टीकाकरण जागरूकता अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रखा।
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476 लोगों ने ली वैक्सीन
जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कोरोना से बचाव के लिए 476 लोगों का टीकाकरण किया गया। डॉ. योगेश मलिक ने बताया कि तीसरी संभावित लहर से बचाव को लोगों को अधिक से अधिक कोरोना टीके लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। डॉ. रूप द्वारा लोगों को दो गज की दूरी बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया गया।