नैना देवी के दर्शन कर लौट रही श्रद्धालुओं से भरी बस बृहस्पतिवार अल सुबह हरियाणा के गांव कुलां और नन्हेड़ी के बीच पलट गई। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई जबकि बस में सवार करीब 40 श्रद्धालु घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने एंबुलेंस के माध्यम से घायलों को रतिया, टोहाना और कुलां के अस्पतालों में भर्ती कराया।
आठ गंभीर घायलों को रतिया से फतेहाबाद रेफर किया गया। घायलों का आरोप है कि हादसा बस चालक की लापरवाही और नींद की झपकी आने की वजह से हुआ। यह बस 29 जुलाई को रतिया से नैना देवी गई थी। टोहाना पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
रतिया की एक प्राइवेट बस कंपनी सतगुरु बस सर्विस की एक बस मंगलवार को रतिया से श्रद्धालुओं को लेकर नैना देवी के दर्शनों के लिए रवाना हुई थी। बस में लाली, कंवलगढ़, मिराना, रत्ताखेड़ा और रतिया सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों के करीब 52 श्रद्धालु यात्रा पर गए थे। बुधवार रात्रि नौ बजे यह बस श्रीआनंदपुर साहिब से रतिया के लिए रवाना हुई।
श्रद्धालुओं में मची हाहाकार
बृहस्पतिवार अल-सुबह पौने तीन बजे के करीब गांव चिम्मों के पास एकाएक संतुलन बिगड़ने से बस पलट गई, जिससे यात्रियों में हाहाकार मच गया। इस दौरान आसपास खेतों में रहने वाले लोगों ने घटना की सूचना पुलिस और एंबुलेंस को दी। इसके बाद रतिया, नागपुर, फतेहाबाद, कुलां, टोहाना की एंबुलेंस ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया।
इस हादसे में घायल कंवलगढ़ की सरपंच परमेश्वरी देवी, पति भगवान दास, पन्नो राम, मोना, गीता, चरणजीत, बिमला, सीमा, भजन, गुरजंट, निशा, सीता, जसकरण, बीना रानी, दयालो बाई, कलोवंती, सोना बाई, रमेश, दर्शन, सुमन रानी, सुमन देवी, मंजू, राजेश, मांगें राम, शीतल, नीतू व रेशमा को रतिया अस्पताल लाया गया, जहां रेशमा (40) निवासी गांव मीराना को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में गंभीर घायल सोमा, कलोंवती, सीतो, दयालो, बीना, दर्शना, चरणजीत व एक अज्ञात व्यक्ति को फतेहाबाद रेफर कर दिया गया।
घायलों ने लगाया आरोप
रतिया अस्पताल में उपचाराधीन घायलों का आरोप था कि दुर्घटना बस चालक की लापरवाही व उसे नींद की झपकी आने से हुई है, क्योंकि चालक बस को काफी तेज चला रहा था। यात्रियों का कहना है कि कई बार चालक को बस धीरे चलाने को कहा लेकिन चालक नहीं माना।
दुर्घटना के बाद महमड़ा निवासी चालक हरभजन मौके से फरार हो गया। वहीं, बलियाला निवासी परिचालक भजन हादसे में घायल हो गया, जिसे रतिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिचालक भजन ने लापरवाही के आरोपों को नकारते हुए कहा कि हादसा लापरवाही व नींद आने की वजह से नहीं बल्कि बस के आगे एकाएक सांड़ के आने से हुआ। उसको बचाने के चक्कर में बस पलट गई।
वहीं गनीमत यह रही कि बस जहां पलटी, उससे कुछ मीटर दूरी पर ही चिम्मों भाखड़ा मेन ब्रांच नहर गुजरती है। अगर हादसा वहां होता तो घटना काफी भयानक हो सकती थी।