प्रदेश की खाप पंचायतों ने चंडीगढ़ में शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खापों के पक्ष में बोलने का स्वागत किया है। खाप चौधरियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो कहा है, वह खापों को लेकर अंतिम सत्य है।
इस सत्य को अब न्यायपालिका को भी स्वीकार करना चाहिए। चौधरियों ने सीएम से अनुरोध किया कि ऑनर किलिंग जैसे घिनौने अपराध को रोकने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम 1955 में संशोधन कराने का भी प्रयास करें। चौधरियों ने कहा कि जब कानून का भय होगा तो विवादित विवाह रुक जाएंगे और फिर ऑनर किलिंग जैसी घटनाओं पर खुद ही लगाम लग जाएगी।
सर्वजातीय सर्वखाप हरियाणा के प्रधान नफेसिंह नैन, मलिक खाप के दादा बलजीत मलिक, काद्यान खाप के प्रधान केदार सिंह, बराह कलां खाप के कुलदीप सिंह ढांडा, मान खाप के ओमप्रकाश मान, सांगवान खाप के कटार सिंह सांगवान, दहिया खाप के प्रताप पहलवान, हुड्डा खाप के संयोजक इंद्र सिंह हुड्डा, तपा किनाना के दरियाव सिंह सैनी, रोहतक 84 खाप के हरदीप अहलावत समेत अनेक खाप चौधरियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
खाप चौधरियों ने कहा कि अब तक खापों को लेकर जो भ्रांतियां मीडिया फैला रहा है, उस पर ब्रेक लगना चाहिए। चौधरियों ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा संवैधानिक पद पर बैठे हैं। ऐसा व्यक्ति खापों के बारे में सकारात्मक टिप्पणी करता है तो यह बहुत बड़ी बात है।
बराह कलां खाप के प्रधान कुलदीप सिंह ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो शनिवार को चंडीगढ़ में कहा है, वह खापों को लेकर अंतिम व सार्वभौमिक सत्य है। इस सत्य से किसी भी व्यवस्था न्यायपालिका और कार्यपालिका को मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। अब यह कहने की गुंजाइश किसी भी व्यवस्था में नहीं होनी चाहिए कि खापें ऑनर किलिंग करवाती हैं।
मलिक खाप के प्रधान दादा बलजीत मलिक ने कहा कि खापों को लेकर भले ही देर से लेकिन एक व्यवस्था (मुख्यमंत्री) को यह बात तो समझ आई है कि खापें केवल सकारात्मक सामाजिक कार्य करती हैं। इसके लिए खापों को मुख्यमंत्री को सम्मानित करना चाहिए और उनके सामने यह मांग उठानी चाहिए कि हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन करवाने के लिए हरियाणा सरकार पहल करे। मलिक ने कहा कि अधिनियम को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। एक हिस्सा उत्तर भारतीय के लिए तथा दक्षिण भारतीय के लिए हो।
रोहतक 84 खाप के प्रधान हरदीप अहलावत ने कहा कि मुख्यमंत्री यह मानते हैं कि खापों को कानूनी मान्यता नहीं है, लेकिन सामाजिक मान्यता तो है ही। हरदीप अहलावत ने कहा कि प्रदेश में हुए एक भी मामले में मीडिया, न्यायिक व्यवस्था, कार्यपालिका या विधानपालिका यह साबित कर दें कि खापें ऑनर किलिंग करवाती हैं। उन्होंने कहा कि खापों का काम सामाजिक उत्थान का होता है, विघटन का नहीं है।