हरियाणा के जिले कैथल में जिले में मिलर्स की तीन दिनों तक चली हड़ताल के खत्म होने के बाद धान की खरीद शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
हालांकि नमीयुक्त धान और आसमान में छाए बादलों के चलते किसानों की समस्या बढ़ गई है। नमीयुक्त धान को न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी कम कीमत पर खरीदा जा रहा है।
इसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने शुक्रवार सुबह मंडी में एकत्रित होकर रोष प्रकट किया। बाद में मार्केट कमेटी कार्यालय में डीएफएससी सुरेंद्र सैनी, मार्केट कमेटी सचिव रविंद्र कुमार के साथ बैठक कर किसानों को उचित कीमत दिलवाए जाने की मांग की है।
राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मांगे राम खुरानिया ने कहा कि सरकार से भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद शुक्रवार से मिलर्स ने खरीद शुरू कर दी है।
राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मांगे खुरानिया ने कहा कि शुक्रवार को खरीद शुरू कर दी। पहले दिन ही मंडी में आए 80 प्रतिशत धान को खरीद लिया गया है।
सरकार ने उनके भुगतान का आश्वासन दिया है। मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने व्यापारियों को किसी भी प्रकार की समस्या न आने देने का आश्वासन दिया है।
मार्केट कमेटी सचिव रविंद्र कुमार ने कहा कि शुक्रवार को करीब एक लाख क्विंटल के लगभग खरीद की गई है। किसान यूनियन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर खरीदे जाने की शिकायत की।
इस पर डीएफएससी सहित डीएम एग्रो के साथ मिलकर किसानों की समस्या सुनी गई। उन्हें उचित आश्वासन दिया गया है। जो धान नमी के कारण समर्थन मूल्य से कम कीमत पर बिक रहा है, उसे उसी कीमत पर रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है।
दूसरी ओर भाकियू की मीटिंग में जिला प्रधान सेवा सिंह ने कहा कि तीन दिनों बाद शुरू हुई धान की खरीद के बावजूद किसानों को सही कीमत नहीं मिल रही है।
खरीद न होने के कारण जो धान पड़ा हुआ था, वह काला हो चुका है। अब आगे नमी के नाम पर किसानों का धान को मनमानी कीमतों पर लूटा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों को धान का सही मूल्य नहीं मिला तो भाकियू आंदोलन करने को मजबूर हो जाएगी। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि कम से सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य 1345 रुपये प्रति क्विंटल की कीमत दी जाए।
इस अवसर पर जिले सिंह, राम सिंह मलिक, बनिराम पाड़ला, सतपाल दिल्लावाली, श्रीराम मोहना, ईश्वर सिंह, मेवा सिंह, कपिल, रधबीर फौजी, जिया लाल, कर्मबीर मौजूद रहे।