हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का बहिष्कार कर
रही हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के कड़े रुख को देखते हुए अब एक और
वैकल्पिक रास्ता खोजा है।
शिक्षा बोर्ड ने बुधवार को जिला शिक्षा
अधिकारियों और मूल्यांकन केंद्रों के नियंत्रकों को पत्र लिखकर आदेश जारी
किया है कि स्कूलों में पढ़ा रहे जो पात्र प्राध्यापक पेपर चेक करना चाहते
हैं वे घर पर ले जा सकते हैं। घर पर पेपर ले जाने और लाने के उन्हें अलग से
सौ रुपये खर्चा दिया जाएगा।
बोर्ड का मानना है कि यूनियन के दबाव
में प्राध्यापक पेपर चेक करने केंद्र पर नहीं आ रहे हैं। हसला सात नवंबर से
12वीं के पेपर चेकिंग का बहिष्कार कर रही है। उनके समर्थन में एडेड,
प्राइवेट और गेस्ट टीचर्स ने भी पेपर चेकिंग नहीं की है।
निर्देशों
में कहा गया है कि मूल्यांकन केंद्रों के नियंत्रक दूरभाष से अपने अपने
क्षेत्रों में पात्र प्राध्यापकों से संपर्क कर उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं की
जांच के लिए बुलाएं। मूल्यांकन करने वालों से से उनके पहचान पत्र की
प्रतिलिपि समेत अन्य जानकारी प्राप्त कर उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल
होम चेकिंग के लिए दे दें। पात्र अध्यापक इन उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल घर
ले जाकर जांच करेंगे और उसे पेपर चेकिंग सेंटर पर जमा करवाएंगे। उत्तर
पुस्तिकाओं के बंडलों को घर ले जाने और चेकिंग के बाद वापस लाने के लिए 100
रुपये दिए जाएंगे, जबकि पेपर चेकिंग का मेहनताना अलग से दिया जाएगा।
प्राध्यापकों की मांगों पर आज होगा फैसला
चंडीगढ़।
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) की मांगों पर वीरवार को फैसला लिया
जाएगा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के चेयरमैन केसी भारद्वाज ने
बताया कि इस संदर्भ में सरकार के साथ वीरवार को बैठक है। बैठक में विभाग
की प्रधान सचिव सुरीना राजन से भी चर्चा होगी। कोशिश की जाएगी कि बीच का
रास्ता निकालकर यह मुद्दा सुलझा लिया जाए। वहीं, पूरे प्रदेश में
प्राध्यापक बुधवार को दूसरे दिन भी सामूहिक अवकाश पर रहकर मूल्यांकन
केंद्रों के बाहर नारेबाजी करते रहे। स्कूलों में पढ़ाई का पूरा जिम्मा
गेस्ट टीचर्स के जिम्मे था, जिससे पढ़ाई काफी बाधित रही।
हसला का यह कदम पूरी तरह गलत : भुक्कल
हरियाणा
की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि हसला का मूल्यांकन कार्य का
बहिष्कार करना गलत है। यह अपनी बात को मनवाने या विरोध करने का सही तरीका
नहीं है। यह सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। सरकार की ओर से
बातचीत के रास्ते खुले हैं। शिक्षक ही बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाते
हैं। हसला के विरोध प्रदर्शन के इस तरीके में किसी भी तरह की नैतिकता नजर
नहीं आती।
सामूहिक अवकाश सफल : कप्तान सिंह
झज्जर। हसला
प्रधान कप्तान सिंह ने दो दिन के सामूहिक अवकाश को पूरी तरह से सफल बताया।
डीईओ एसआर रोहिला ने बताया कि कुछ स्कूलों में प्राध्यापक अवकाश पर रहे,
मगर ऐसे काफी स्कूल हैं जहां प्राध्यापकों ने नियमित रूप से काम किया।
मांगें नहीं मानी तो समर्थन में उतरेगा अध्यापक संघ
भिवानी।
प्रदेश के करीब साढे़ बारह हजार स्कूल लेक्चरर ने बुधवार को भी सामूहिक
अवकाश लिया। इस वजह से स्कूलों में पढ़ाई गेस्ट टीचर्स के सहारे रही। हसला
के राज्य प्रधान दयानंद दलाल और भिवानी के अध्यक्ष रमेश मल्हान ने बताया कि
जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक मूल्यांकन का सवाल ही नहीं है।
हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ-70 संबंध हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने सरकार से
हसला की मांगों पर तुरंत बातचीत कर इन्हें लागू करने की मांग की है।
अध्यापक संघ के प्रदेश महासचिव दिलबाग सिंह अहलावत व प्रदेश प्रवक्ता जयवीर
नाफरिया ने कहा कि जायज मांगों को जल्द नहीं माना गया तो अध्यापक संघ को
भी मजबूरन हसला के समर्थन में आना पड़ेगा।
काफी प्राध्यापक पेपर
चेक करना चाहते हैं, लेकिन यूनियन के दबाव में केंद्र पर नहीं आ रहे। अब
प्राध्यापक घर पर पेपर चेकिंग के लिए जा सकेंगे।
- बलवान सिंह, असिस्टेंट सेक्रेटरी, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी