गांव सुरेहली के सरपंच केहर सिंह ने पुश्तैनी जमीन धोखे से बेचने के लिए कागजों में हेरफेर कर किसी और को अपना फर्जी बाप बना लिया।
फर्जी
राशन कार्ड में उसने अपने पिता के फोटो की जगह किसी और का फोटो चिपका
दिया। सरपंच के फर्जी बाप की किसी दूसरे के नाम से गांव उचत निवासी कश्मीर
ने गवाही दी। सरपंच ने इन्हीं कागजातों के आधार पर धोेखे से अपने पिता की
जमीन का फतेहपुरी पीपा निवासी ईश्वर सिंह से सौदा कर लिया।
ईश्वर
सिंह की शिकायत पर ही पुलिस ने गवाही देने वाले कश्मीर को दबोच लिया और उसे
अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। इस मामले में छह और आरोपियों की तलाश
जारी है।
एएसआई देवेंद्र कुमार के अनुसार सुरेहली गांव के
सरपंच केहर सिंह ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने पिता के नाम से फर्जी
राशन कार्ड और फर्जी कागजात तैयार कर लिए। राशन कार्ड में अपने पिता की
जगह किसी अन्य व्यक्ति का फोटो भी लगा दिया। उसी आदमी को अपना पिता बनाकर
फतेहपुरी पीपा निवासी ईश्वर सिंह से 4 एकड़ जमीन के बयाने के नाम पर 59 लाख
रुपये ले लिए।
महेंद्रगढ़ के गांव उचत निवासी कश्मीर ने इकरारनामा
में बुचावास निवासी जितेंद्र बनकर केहर सिंह के फर्जी पिता की गवाही दी,
जबकि जमीन का असली मालिक सरपंच केहर सिंह का पिता बहादुर सिंह था।
खरीदार
ईश्वर सिंह को असलियत की जानकारी मिली तो उसने 3 अक्तूबर को पुलिस को
शिकायत देकर सात लोगों के खिलाफ योजना बनाने, धोखाधड़ी व जान से मारने की
धमकी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किराया था।