कुरुक्षेत्र के ढांड रोड स्थित न्यू मिर्जापुर कॉलोनी में पिछले कई महीने से गंदे पानी की निकासी न होने के कारण पानी गलियों में जमा है। बारिश के मौसम में तो हालत और खस्ता हो जाती है।
गलियां तालाब का रूप ले लेती हैं। इस कारण कॉलोनी वासियों में काफी रोष है। वहीं कॉलोनी में रहने वाले लोगों का आरोप है कि सरपंच से इस बारे कई बार शिकायत की गई परंतु अभी तक उनकी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
कॉलोनी वासियों ने कहा है कि जब भी वे अपनी समस्या को लेकर सरपंच के पास जाते हैं, तो सरपंच द्वारा यह कहकर टाल दिया जाता है कि वह तो मिर्जापुर गांव का सरपंच है, न की कालोनियों का और उन्हें मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ता है।
कॉलोनिवासियों का कहना है कि जब कॉलोनी मिर्जापुर के अंदर आती है तो उसकी जिम्मेदारी भी सरपंच की ही बनती है। लोगों ने कहा कि आम व्यक्ति आखिर कहां जाकर इस समस्या को रखें। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो भयंकर बीमारियां फैल रही हैं और दूसरी तरफ कॉलोनी में गंदगी का माहौल बना हुआ है।
छह महीने से जूझ रहे समस्या से
न्यू मिर्जापुर कॉलोनी निवासी सुरेंद्र का कहना है कि पिछले छह महीने से वे गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। पानी की निकासी न होने के कारण कॉलोनी में बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ और गलियों में से गुजरने वाले लोगों के लिए भी भारी मुसीबत है।
पंच ने लगाया भेदभाव का आरोप
पंच फूल सिंह ने समस्या को उचित बताया और सरपंच पर भेदभाव से कार्य करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरपंच पर संबंधित क्षेत्र की जिम्मेदारी होती है और उन्हें ठीक ढंग से व्यवस्था को दुरुस्त करवाना चाहिए।
कई बार मिले सरपंच से
सावन ने कहा कि वे कई बार पानी की निकासी की समस्या के समाधान के लिए सरपंच से मिल चुके हैं पर सरपंच उन की समस्या को जानबूझ कर अनदेखा कर रहा है।
मनरेगा स्कीम के तहत रेजूलेशन भेजा : सरपंच
मिर्जापुर सरपंच गुलाब सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि पानी की निकासी के लिए मनरेगा स्कीम के तहत रेजूलेशन भेजा गया है। संबंधित कार्य का बजट आने पर पानी की निकासी की समस्या को दूर कर दिया जाएगा।