कुरुक्षेत्र में हरियाणा मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेश भर से आए सैकड़ों लिपिक कर्मचारियों ने बुधवार को दो घंटे से भी अधिक तक वित्तमंत्री आवास का घेराव किए रखा। एसडीएम अशोक बंसल के आश्वासन पर कर्मचारी शांत हुए और मांगें पूरी न होने पर चुनाव में परिणाम भुगतने की चेतावनी देकर चले गए।
गौरतलब है कि पंजाब के कर्मचारियों के समान वेतनमान की मांग को लेकर पिछले 319 दिनों से वित्तमंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा के आवास के बाहर लिपिक लगातार धरना दे रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि इससे पहले कई बार प्रदर्शन किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं वित्तमंत्री और मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को जायज बताते हुए आश्वासन दिया था कि वे उन्हें पंजाब की तर्ज पर कर्मचारियों का वेतनमान कर देंगे, परंतु सरकार अब अपने वादे से मुकर रही है।
प्रदेशभर से आए कर्मचारी कुरुक्षेत्र नए बस अड्डे के पास सेक्टर-10 के पार्क में इकट्ठे हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए वित्तमंत्री आवास के बाहर पहुंचे। यहां पर कर्मचारियों ने पहुंचने के बाद कर्मचारियों ने वित्तमंत्री व हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हरियाणा मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसियेशन के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्रप्रताप गुलिया की अध्यक्षता में पहुंचे कर्मचारियों ने दो घंटे से भी अधिक वित्तमंत्री आवास का घेराव करने के साथ-साथ कुरुक्षेत्र-पिपली मार्ग की एक सड़क पर भी धरना दिए रखा।
हरियाणा मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रप्रताप गुलिया ने बताया कि हरियाणा सरकार के विधायक तथा चेयरमैनों का वेतन एक ही आवाज में पंजाब के विधायकों के समान कर लिया। परंतु जिन कर्मचारियों के वेतनमान पंजाब के समान करने थे उनकी ओर ध्यान ही नहीं दिया गया। प्रदर्शन के दौरान डीएसपी निर्मल सिंह, डीएसपी नुपूर बिशभनोई दल बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।
पहले भी दिया कई बार आश्वासन
हेमसा के राज्य प्रधान संदीप सांगवान ने बताया कि इससे पहले कई बार वित्तमंत्री तथा मुख्यमंत्री कर्मचारियाें को आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन आश्वासन देने के बाद उनकी मांगें अभी तक नहीं मानी गई। सांगवान ने चेतावनी दी कि 23 अक्तूबर को प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त कार्यालयों के बाहर भूख हड़ताल की जाएगी। यदि फिर भी सरकार नहीं चेती तो आने वाले चुनाव में कांग्रेस सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें
जिला सचिव रणबीर रोहिला ने बताया कि पड़ोसी राज्य पंजाब ने अपने लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को पे-बैड 2 में रिप्लेस करते हुए 10300-34800 के वेतनमान में 3200 रुपये ग्रेड-पे दिया है, जबकि हरियाणा प्रदेश नंबर-1 कहलाने वाली सरकार ने अपने लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को पे-बैंड-वन 5200-20200 के वेतनमान में 1900 रुपये का ग्रेड-पे दिया है। पंजाब की तुलना में हरियाणा के लिपिक को 13048 रुपये मासिक कम वेतन मिल रहा है।