दूध का कारोबार करने वालों के लिए हरियाणा के मुर्रा भैंसे का क्या रुतबा है, इससे हम सभी वाकिफ हैं। लेकिन इस भैंसे ने अब दुनिया भर में धूम मचा दी है।
मुर्रा की शोहरत बुलंदियां छू रही हैं, इस वजह से देश भर में उसके वीर्य की डिमांड बढ़ती जा रही है। इसकी वजह से हरियाणा सरकार को मुर्रा का सालाना वीर्य उत्पादन क्षमता 32 लाख से बढ़ाकर 50 लाख स्ट्रॉ (डोज) करनी पड़ी है।
टीओआई के मुताबिक मुर्रा भैंस एक दिन में 32 किलो दूध दे सकती है, जो सामान्य भैंस की तुलना में दोगुना है। ये भैंस खास तौर पर 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के साथ मशहूर हुईं, क्योंकि मेडल जीतने वाले कई पहलवानों ने अपनी जीत का श्रेय इनके दूध को दिया था।
अच्छी मुर्रा 2 लाख रुपए तक में बिक सकती है। हाल में आंध्र प्रदेश के किसान ने हरियाणा से 25 लाख रुपए में एक मुर्रा भैंस खरीदी थी।
हाल में नियुक्त पशुपालन विभाग के महानिदेशक जी एस जाखड़ का कहना है कि योजना के तहत हिसार के वीर्य सेंटर को 11 करोड़ रुपए के निवेश से अपग्रेड किया जाएगा।
केंद्र सरकार भी इस परियोजना के लिए 6 करोड़ रुपए मुहैया कराने के लिए तैयार हुई है। हरियाणा के पास गुड़गांव और जगाधरी में दो और सेमन सेंटर हैं। फिलहाल राज्य के पास 118 मुर्रा भैंसा हैं और विभाग जल्द ही इनमें 80 और जोड़ेगा।