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खेमका के खिलाफ किसी भी समय हो सकती है कार्रवाई

Thu, 19 Sep 2013 02:32 AM IST
चंडीगढ़/प्रवीण पाण्डेय
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हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका के खिलाफ तथ्य जुटाने में सरकार जुट गई है। खेमका द्वारा कही गई हर बात की बारीकी से जांच की जा रही है।
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सरकार में रहकर सरकार के खिलाफ बोलने के मामले में किसी भी समय खेमका के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए जा सकते हैं।

इलेक्ट्रानिक मीडिया और प्रिंट मीडिया में छपे खेमका के साक्षात्कार पर मुख्य सचिव कार्यालय से जांच शुरू हो चुकी है। कार्रवाई का आधार इन साक्षात्कारों को बनाया जा रहा है। मामले से संबंधित सभी दस्तावेजों की प्रति अमर उजाला के पास मौजूद है।

मौखिक रूप से मुख्य सचिव की ओर से खेमका से इस बाबत पूछा भी जा चुका है। सरकार के पास तिथिवार विभिन्न चैनलों को दिए गए साक्षात्कार और प्रकाशित साक्षात्कार का ब्यौरा भी मौजूद है। इस मामले में सरकार ने तकनीकी पहलू भी आगे कर दिया है।
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मुख्य सचिव ने पूछे हैं सवाल
मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र के मुताबिक नियम-7 आल इंडिया सर्विस कंडक्ट रूल-1968 के तहत कोई भी अधिकारी सेवा में रहते हुए सरकार की आलोचना नहीं कर सकता है। जिसके तहत खेमका के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

उधर, मुख्य सचिव की ओर से मौखिक पूछे सवालों पर खेमका पहले ही अपना पक्ष लिखित में मुख्य सचिव के समक्ष रख चुके हैं।

खेमका ने भेजे हैं जवाब
मामले को लेकर खेमका की ओर से भी मुख्य सचिव को जवाब भेज दिया गया है। जिसमें यह कहा गया है कि समाचार में तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पर दी गई मेरी प्रतिक्रिया के बाद मीडिया में इस मामले पर बहस छिड़ गई।
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इस दौरान कुछ कथित व्यक्तियों ने मीडिया में बहस के दौरान मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया। अपनी छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए मैने साक्षात्कार देना कबूल किया।

मामले में अशोक खेमका से बात करने पर उन्होंने कहा कि हो सकता है कि सरकार की ओर से कुछ किया जा रहा हो, लेकिन मैं इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहता।



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