कांग्रेस आलाकमान द्वारा कई बार चेताने के बावजूद कांग्रेसी एक-दूसरे की टांग खींचने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
जींद
की जाट धर्मशाला में आयोजित कांग्रेस युवा सम्मेलन में राज्यसभा सांसद
बीरेंद्र सिंह की मौजूदगी में वक्ताओं ने साफ कहा कि जब तक संगठन में बदलाव
नहीं किया जाता चुनावों में जीत संभव नहीं है। यदि हालात ऐसे ही रहे तो
पार्टी को विधानसभा में महज चार सीट मिलेंगी और लोकसभा में एक भी सीट हाथ
नहीं आएगी। कुछ वक्ताओं ने राबर्ट वाड्रा पर भी टिप्पणी कर डाली। राज्यसभा
सांसद बीरेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली से प्रदेश में
कांग्रेस को चुनावी नुकसान होगा। वहीं, कुछ वक्ताओं ने राबर्ट वाड्रा पर भी
टिप्पणी की।
राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह ने शनिवार को जींद
की जनता पर भी निशाना साधा। यहां के पिछड़ेपन के लिए उन्होंने लोगों की सोच
को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि विकास के लिए सोच में ठहराव जरूरी है
और यहां के लोगों की सोच में ठहराव नहीं है। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि
रोहतक के लोगों की सोच में ठहराव है। इसका लाभ भी उन्हें मिला है। जींद के
लोग नेताओं की बड़ी रैलियां देखकर अपना विचार बदल लेते हैं। इस मौके पर
जयभगवान गोयल, सुरेश श्योकंद, शिवनारायण शर्मा, विनोद सिंगला और श्रीचंद
जैन सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।
मंच से गिनवाया रोहतक का विकास
राज्यसभा
सांसद ने मंच से रोहतक के विकास की 12 उपलब्धियां गिनवाई। उन्होंने कहा कि
यह विकास जींद में भी हो सकता है। इसके लिए जींद के लोगों को राजनीतिक
स्थिरता लानी होगी। बीरेंद्र सिंह ने तीखे लहजे में कहा कि नौकरियों में
हिस्सा ऐसे नहीं मिलता। इसके लिए शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ानी होगी। अच्छे
संस्थान खोलने पड़ेंगे।
आप और भाजपा पर भी निशाना
बीरेंद्र
सिंह ने आम आदमी पार्टी और भाजपा पर भी जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा
कि आम आदमी पार्टी के आदर्श तीन दिन में ही साफ हो गए। हरियाणा में आप की
स्थिति पर उन्होंने कहा कि हरियाणा से लगते क्षेत्रों में आम आदमी पार्टी
नहीं जीती। यहां कई कारक काम करते हैं, बेशक यह कारक राजनीति में अच्छे
नहीं हैं, लेकिन हरियाणा में आम आदमी पार्टी कुछ नहीं कर पाएगी। दिल्ली और
राजस्थान में हुई कांग्रेस की हार पर बीरेंद्र सिंह ने कहा कि यहां पार्टी
कुछ लोगों के कारण हारी है।
43 साल से झेल रहे हैं अड़चनें
प्रदेश
कांग्रेस कमेटी के सदस्य एडवोकेट सुरेंद्रपाल ने कहा कि पार्टी संगठन में
बदलाव जरूरी हैं। प्रदेश कांग्रेस को दिल्ली से सबक लेना चाहिए। बीरेंद्र
सिंह ने सम्मेलन के आयोजक संदीप हैबतपुर को नसीहत दी कि वे रुकावट पैदा
करने वालों से नहीं घबराएं, वे भी पिछले 43 साल से ऐसी अड़चनों को झेल रहे
हैं, लेकिन कभी हार नहीं मानी।