फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में मास कॉम के स्टूडेंट नहीं पहन सकेंगे मनमर्जी के कपड़े

Thu, 19 Sep 2013 12:33 AM IST
कुरुक्षेत्र
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र में केयू जनसंचार मीडिया एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएमसी एंड एमटी) में ड्रेस लागू कर दिया गया है। अब यहां पढ़ने वाला कोई भी विद्यार्थी रंग बिरंगे कपड़े नहीं पहन सकेगा। संस्थान में नई व्यवस्था इस सत्र से लागू होगी। इसके दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। फिलहाल सर्दियों के सत्र के लिए ब्लैक ट्राउजर, स्काई ब्लू शर्ट, नेवी ब्लू ब्लैजर यूनिफार्म को शामिल किया गया है।
विज्ञापन


संस्थान के निदेशक एसएस बूरा ने बताया कि संस्थान की ओर से ही विद्यार्थियों के लिए यूनिफार्म बनवाई जा रही है। यूनिफार्म में पैंट-शर्ट 750 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि कोट के लिए 1650 रुपए देने होंगे। यानि सर्दियों में पहनी जाने वाली ड्रेस 2400 रुपये में मिलेगी। ड्रेस लेने के इच्छुक विद्यार्थियों से 500 रुपये एडवांस लिए जा रहे हैं। अभी तक 20 विद्यार्थी एडवांस राशि संस्थान में जमा करा चुके हैं।

विद्यार्थी चाहे तो यह ड्रेस बाहर से भी खरीद सकते हैं। गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के उपरोक्त संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों की अलग पहचान हो, इसके लिए ड्रेस कोड लागू किया जा रहा है। बताया गया ये ड्रेस कोड फ्रेशर के लिए जरूरी है, यानि फिलहाल यह ड्रेस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए होगी।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि संस्थान के विद्यार्थियों के लिए यूनिफार्म पहले भी लागू थी, लेकिन ना के बराबर विद्यार्थी ही ड्रेस में आते हैं, लेकिन इस सत्र से इसे प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए जरूरी किया गया है। इसके लिए केयू ने चंडीगढ़ की फर्म को इसका ठेका दिया है।


लागू करने वालों को ही नहीं पता ड्रेस का कलर
आईएमसी एंड एमटी के अधिकारी लागू करने के बाद भूल गए की संस्थान में विद्यार्थियों की ड्रेस किस कलर की होगी। गफलत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि संस्थान के निदेशक एक ओर ड्रेस को लागू करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित कर रहे हैं ओर दूसरी ओर खुद उन्हें भी ये मालूम नहीं है कि ड्रेस किस कलर की होगी। विद्यार्थियों की ड्रेस संबंधित जानकारी लिए जाने पर निदेशक और संस्थान के शिक्षकों ने ड्रेस के कलर अलग-अलग बताए।
बाक्स

ऐसे में बाहर से कैसे बनवाएं ड्रेस  
छात्रों का कहना है कि उन्हें आज तक नहीं पता ड्रेस का कलर क्या होगा? जबकि ड्रेस का कलर तय करते समय विद्यार्थियों से भी राय ली जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वहीं राय लेना तो दूर, संस्थान ने जो ड्रेस तय की उसको लेकर भी छात्रों जानकारी नहीं है। विद्यार्थियों का कहना है कि जो लोग केयू की बजाए बाहर से रेडीमेड या ड्रेस सिलवाना चाहते हैं, उनके लिए ये समस्या सामने आ रही है। इनका कहना है कि संस्थान को नोटिस बोर्ड पर ड्रेस से संबंधित जानकारी दी जानी चाहिए थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें