हैदराबाद में महिला चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या समाज के लिए शर्मिंदा करने वाली वारदात है। इस वारदात के लिए लोग व्यवस्था को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपियों ने साजिश के तहत स्कूटी को पंचर कर डॉक्टर को पैदल चलने के लिए विवश किया और इसके बाद वारदात को अंजाम दिया। ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा होनी चाहिए।
अमर उजाला की ओर से सोमवार को गर्ल्स पीजी कॉलेज में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिला प्रोफेसरों व छात्राओं ने हैदराबाद कांड पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि इस मामले में पुलिस भी दोषी है। पीड़िता की बहन की शिकायत पर पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। यदि तत्काल पुलिस हरकत में आती तो शायद डॉक्टर की जिंदगी बच जाती। उनका कहना है कि पुलिस को अपराध के प्रति गंभीर होना चाहिए। दूसरा ऐसे दरिंदों पर कोर्ट को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे पीड़ित को जल्द इंसाफ मिल सके। छात्राओं ने कहा कि कई बार केस में देरी होने से पीड़ित का मनोबल टूटता है। दूसरा इस प्रकार की वारदातों से यह पता चलता है कि आज भी लोगों के विचार में बदलाव नहीं आया है। ऐसे मामलों में दोषियों को सजा-ए-मौत मिलनी चाहिए।
हैवानियत पर बोलीं शहर की महिलाएं
-बेटियों के साथ लगातार बर्बर घटनाएं हो रही हैं। यह निंदनीय के साथ-साथ चिंता का विषय है। महिला सुरक्षा को लेेकर और कदम उठाने होंगे। दूसरा महिलाओं को भी खुद अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए। हैदराबाद की वारदात से यह स्पष्ट है कि आरोपियों में कानून का खौफ नहीं था। निर्भया कांड के बाद भी अपराधियों में डर का भाव नहीं है। यदि होता तो ऐसी घटना नहीं होती। ऐसे में इस प्रकार के मामलों में त्वरित न्याय मिलना चाहिए।
-सुनीता शुक्ला, हास्टल वार्डन।
-हैदराबाद में डॉक्टर व राजस्थान में छोटी बच्ची से दुष्कर्म की घटना ने सभी को आहत किया है। इससे कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दिल्ली निर्भया कांड के बाद भी इस प्रकार के मामले बढ़े हैं। रेप के मामलों में आरोपियों को फांसी मिलनी चाहिए। महिलाओं को भी अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना होगा। सरकार को भी महिला सुरक्षा को लेकर और कदम उठाने होंगे।
-प्रियंका, प्रोफेसर, गर्ल्स पीजी कॉलेज।
-हैदराबाद की वारदात ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। सरकार व समाज को इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि लड़कियां बेखौफ होकर घर से बाहर निकल सकें। इस अमानवीय कृत्य पर लोगों में गुस्सा है। संस्कारों की कमी इस प्रकार के मामलों का कारण बन रही है। ऐसे मामलों पर अंकुश के लिए जरूरी है कि युवाओं को सामाजिक मूल्यों की जानकारी दी जाए। दूसरा छात्राओं को भी सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
-डॉ. कविता, प्रोफेसर, गर्ल्स पीजी कॉलेज।
-ऐसे आरोपियों को तुरंत सजा मिलनी चाहिए। लड़कियों को अपनी सुरक्षा पर ध्यान रखना होगा। कहीं भी जाएं तो परिजनों को जानकारी जरूर दें। महिला डॉक्टर के साथ जो हुआ बहुत गलत हुआ है। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। न्याय में देरी न हो और समाज को भी आरोपियों को बचाने के बजाय सजा दिलाने में मदद करनी चाहिए। निर्भया कांड के बाद ऐसे कई मामले आ चुके हैं। लोग कैंडल मार्च निकालकर चुप बैठ जाते हैं। पीड़िता को न्याय के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है।
-डॉ. दीपिका, प्रोफेसर गर्ल्स पीजी कॉलेज।
-ऐसे मामलों में आरोपियों को जल्द सजा मिले। कई बार पीड़िता को न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। सामाजिक दबाव व तनाव झेलना पड़ता है। लोग भी ऐसे मामलों में पीड़ित का सहयोग करें।
मुस्कान, छात्रा।
लड़कियों को अपनी सुरक्षा के लिए सेल्फ डिफेंस सीखना चाहिए। हैदराबाद की घटना पहली बार नहीं हुई है। सरकार को आरोपियों पर विदेशों की तरह सख्त सजा का प्रावधान करना चाहिए। तभी ऐसे मामलों पर रोक लग सकेगा।
-नेहा, छात्रा।
दुष्कर्म की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। दुष्कर्म पीड़िता का हर स्तर पर सहायता होनी चाहिए, क्योंकि कई बार पीड़िता को हतोत्साहित किया जाता है। आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
सुदेशना, छात्रा।
ऐसे मामलों का निपटारा कुछ दिनों में हो जाना चाहिए। जब दरिंदे ऐसे वारदातों को अंजाम देते हैं तो कुछ दिन विरोध होता है। फिर लोग भूल जाते हैं। ऐसी वारदातों को रोकने के लिए कानून सख्त होना चाहिए।
पूजा यादव, छात्रा।
ऐसी वारदातों को रोकने के लिए कानून सख्त होना चाहिए। जिससे अपराधी ऐसी वारदातों को करने से पहले सौ बार सोचे। वहीं लड़कियों को सबल बनाने के लिए कराटे सिखाया जाना चाहिए।
पूजा, छात्रा।
दुष्कर्म के आरोपियों को तुरंत फांसी मिलने का प्रावधान होना चाहिए। दूसरे लोगों को लड़कियों के ड्रेस पर टोका- टिप्पणी नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में पीड़ित घर व समाज को सहयोग करना चाहिए।
प्रियंका, छात्रा।
निर्भया कांड के बाद कानून में बदलाव हुआ था। इसके बाद भी कई ऐसे मामले आ चुके हैं। लोगों की मानसिकता में बदलाव नहीं आ रहा है। लड़कियों के लिए सेल्फ डिफेंस सीखना अनिवार्य करना चाहिए।
गरिमा, छात्रा।
अभी भी लोगों की मानसिकता में बदलाव नहीं आया है। इसी के कारण समाज में इस प्रकार के मामले सुनने में आ रहे हैं। दुष्कर्म के आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
आरती, छात्रा।
लड़कियों को खुद अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए। घर से बाहर जाने पर परिवार के लोगों को जानकारी देना चाहिए। हैदराबाद के आरोपियों को जल्द कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
टिंकू, छात्रा।
महिला डॉक्टर मामले की जितनी निंदा की जाए कम है। ऐसे लोगों के बीच चौराहे पर सजा दी जानी चाहिए। कई बार लंबी कानूनी लड़ाई में पीड़िता को न्याय मिलने में देरी होती है। इससे उसका मनोबल टूटता है।
आरती, छात्रा।
महिला डॉक्टर के आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। सरकार को ऐसा कदम उठना चाहिए कि आरोपियों जल्द सजा मिले। दुष्कर्म की वारदातें आए दिन सुनने में आती हैं, यह चिंताजनक है।
कुसुम, छात्रा।
स्कूल व कॉलेजों में जूडो- कराटे का नियमित सत्र चलना चाहिए। दूसरा दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। साथ ही ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए।
-पूजा, छात्रा।