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ठंड बढ़ते ही छोटे बच्चों को निमोनिया होने का खतरा बढ़ा

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नागरिक अस्पताल में मरीजों की जांच करते डॉ. संदीप यादव। संवाद - फोटो : Narnol
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ठंड बढ़ने के साथ मासूम बच्चों को निमोनिया होने का खतरा बढ़ने लगा है। नागरिक अस्पताल में हर रोज निमोनिया के मरीज बढ़ने लगे हैं। नागरिक अस्पताल नारनौल में 12 के करीब निमोनिया के मरीज भर्ती हैं। जिनके लिए अलग से 15 बेड का वार्ड बनाया गया है। निमोनिया के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। चिकित्सक का कहना है कि अचानक तापमान में गिरावट होने से निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे मौसम में बच्चों को विशेष ख्याल रखना चाहिए। रविवार को भी क्षेत्र में बर्फ जमने से न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।
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नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप यादव के अनुसार सर्दी-खांसी के साथ निमोनिया के मरीज रोजाना ओपीडी में आ रहे हैं। सर्दी का मौसम शुरू होते ही जुकाम और खांसी से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने की संभावनाएं बढ़ जाती है। जुकाम और खांसी से तो ठीक हो जाते है, लेकिन कुछ बीमारियों ऐसी होती है जो सर्दी में अपना ज्यादा प्रकोप दिखाती है। इसके अलावा बच्चों को सांस लेने की तकलीफ होने पर परिजन इसे नजरअंदाज न करें। निमोनिया 1 साल से कम उम्र और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
खतरनाक है निमोनिया
डॉ. संदीप यादव के अनुसार निमोनिया फेफड़े का एक संक्रमण है। आमतौर पर निमोनिया कई कारणों से होता है। जिनमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस प्रमुख कारण हैं। निमोनिया का सही इलाज नहीं होने से मल्टीपल आर्गन फेलियर तक होने का खतरा बना रहता है। इस बात का विशेष ध्यान रखें खुद से कोई एंटी बॉयोटिक्स या इलाज नहीं करना चाहिए। इससे कई बार पता नहीं चलता कि क्या बीमारी है।
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निमोनिया के लक्षण
तेज सांसे चलना
खांसी
10 दिनों से ज्यादा बुखार होना
शरीर में दर्द
सांस लेने में प्रॉब्लम
बरतें सावधानियां
छींक या खांसी आने पर मुंह ढक लें
संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, रुमाल का प्रयोग न करें
अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं
ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए ताकि डिहाइड्रेशन न हो
बच्चों को पूरा ढंककर रखे
नवजात को 6 माह तक दूध पिलाएं
सर्दी के मौसम में छोटे बच्चों में निमोनिया होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है इसलिए इस मौसम में बच्चों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। खुद से इलाज करने से बचना चाहिये। निमोनिया के बढ़ते मरीजों को देखते हुए अस्पताल में अलग से 20 बेड का वार्ड बनाया गया है। फिलहाल नागरिक अस्पताल में बनाये गये निमोनिया स्पेशल वार्ड में 12 मरीज दाखिल है। डॉ. संदीप यादव, बाल रोग विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल
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