महेंद्रगढ़। क्षेत्र में डीएपी खाद की कमी से अब किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सोमवार को महिला किसान भी खाद के लिए सरकारी बिक्री केंद्र पर चक्कर लगाती रहीं, लेकिन न बिक्री केंद्र और न ही निजी दुकानों पर खाद मिल रहा है। ऐसे में किसानों के लिए समय से सरसों की बिजाई करना किसी चुनौती से कम नहीं है। तीन दिन से किसान परेशान हैं। किसान बिक्री केंद्रों पर बैठे कर्मचारियों से खाद आने के बारे में पूछताछ करते रहे, लेकिन दिनभर चक्कर लगाने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ा।
किसान सुधीर, हजारीलाल, हवा सिंह, मांगेराम, सुरेश कुमार, महेंद्र, राजकुमार, दलीप कुमार, महेंद्र कुमार, ओमप्रकाश, महिला किसान केसरी, पवित्रा व सरोज ने बताया कि डीएपी खाद के लिए पिछले तीन दिनों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन केंद्र पर खाद नहीं मिलने से सरसों की बिजाई करना किसी चुनौती से कम नहीं है। दो सप्ताह पूर्व एक आधार कार्ड पर पांच बैग दिए जा रहे थे लेकिन अब धीरे-धीरे यह संख्या भी घटाकर दो कर दी है। किसानों ने बताया कि सुबह सात बजे ही खाद के लिए भागदौड़ आरंभ हो जाती है, लेकिन शाम होते-होते खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
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चार बार लगा चुके चक्कर
खाद के लिए पिछले चार दिनों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक एक बैग भी नहीं मिला है। अधिकारियों से जवाब मांगा जाता है तो संतुष्टिजनक जवाब भी नहीं दिया जाता है। जब भी नंबर आता है तो अधिकारी खाद खत्म होने की बात कहते हैं।
- महेंद्र, बुडीन
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दस एकड़ जमीन, दो बैग में कैसे होगी पूर्ति
एक आधार कार्ड पर महज दो बैग दिए जा रहे हैं। ऐसे में दस एकड़ में बिजाई के लिए कैसे पूर्ति होगी। अधिकारी सीधे मुंह बात तक करने को तैयार नहीं हैं। खाद आने की स्थिति खुद जिम्मेदारों को ही नहीं पता है। जब यूरिया का समय आएगा तो फिर से यही स्थिति बनेगी।
- विकास, बुचौली
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तीन दिन से लगा रही चक्कर, नहीं मिला खाद
तीन दिन से खाद के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है, लेकिन अभी तक एक दाना खाद नहीं मिली है। सुबह से भूखा प्यासा किसान दिनभर प्रयास के बावजूद निराश होकर लौट जाता है। अधिकारी सीधे मुंह बात तक नहीं करते।
- पवित्रा, बुडीन
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दो दिन से लगा रही चक्कर
शनिवार को भी सरकारी बिक्री केंद्र पर खाद नहीं पहुंचा था। सोमवार को फिर से वही स्थिति बनी हुई है। ऐसे में समय पर कैसे बिजाई होगी। खेतों को तैयार करा दिया गया है। खाद नहीं मिलने से परेशानी बढ़ रही है।
--- केसरी, मालड़ा